समाधि (भाग-6) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

***** पिछले अंक ( 05 ) का अन्तिम पैराग्राफ •••••• *******************************समाधि और सभी घर वालों ने अनुभव किया कि दिल्ली जाकर शुरू में तो एकलव्य ठीक रहा। जल्दी जल्दी घर भी आता था और लगातार सबसे फोन पर भी बात करता था लेकिन धीरे धीरे उसके फोन आने भी कम हो गये और उसने घर … Read more

विलास बहू (भाग-1) – संजीव जायसवाल ‘संजय’ : Moral stories in hindi

चांद सा चेहरा, दूध सी स्निग्ध त्वचा, झील सी नीली आंखें, मोती सी दंत-पंक्तियां, गुलाब से होंठ और हंसिनी सी चाल। ये सारी उपमायें उस नन्हीं सी जान के लिये थीं जिसे ललिता देवी लाखों में छांट कर लायी थीं। जमींदार घराने का एकलौता चांद था विलास। सोने पर सुहागा यह कि आई.आई.टी. से इंजीनयरिंग … Read more

समाधि (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

***** पिछले अंक ( 04 ) का अन्तिम पैराग्राफ •••••• एकलव्य ने समाधि का चेहरा दोनों हथेलियों में भर लिया और अपने अधर उसकी बन्द पलकों पर रख दिये। दोनों की सॉसें एक दूसरे के दिलों के भीतर समाने लगीं। शब्द तो मौन थे लेकिन धड़कनों का शोर बढता जा रहा था। अब आगे ••••• … Read more

समाधि (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

****** पिछले अंक ( 03 )का अन्तिम पैराग्राफ •••••••• वह जानता था कि दोनों परिवारों में किसी को इस सम्बन्ध में आपत्ति होगी तो केवल समाधि को। मम्मी और पापा उसे अपनी बेटी ही मानते हैं।इसलिये वह किसी से कुछ कहने के पहले इस दुविधा को दूर करना चाहता था। यदि समाधि ने उसका प्यार … Read more

समाधि (भाग-3) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

पिछले अंक ( 02 )  का अन्तिम पैराग्राफ ••••••• ********************************* मौली के पीछे छुपे छुपे ही सिम्मी कहती – ” आंटी, यह अभी आपकी और अंकल की बात नहीं सुन रहा है। पढ़ेगा लिखेगा नहीं, तो इसको नौकरी भी नहीं मिलेगी। आपको क्या करना आगे चलकर खुद ही रोयेगा। आप लोग इसको मूॅगफली की रेहड़ी … Read more

समाधि (भाग-2) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

पिछले अंक ( 01 ) का अन्तिम पैराग्राफ •••••••••• गिरीश के माता पिता भी जब इच्छा हो कानपुर उन लोगों के पास आ जाया करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सिम्मी और रत्ना भी गिरीश की अनुपस्थिति में भी उन लोगों के पास चले जाया करेंगे। यही सब सोंचकर गिरीश और रत्ना ने एक नई बनी … Read more

समाधि (भाग-1) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

इसी रविवार को  समाधि का बेटा अस्तित्व लेफ्टीनेंट की ट्रेनिंग के लिये जाने वाला है लेकिन उसके पहले उसको अपने बेटे से किया हुआ अपना वादा पूरा करना है। जाने के पहले समाधि को उसे उसके जीवन की सच्चाई बतानी है। उसे आज भी याद है वह दिन जब रक्तदान करके आये इन्टरमीडिएट के छात्र … Read more

कभी-कभी सेवा करवाने के लिए बीमार होने का दिखावा भी करना पड़ता है – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ मम्मी.. हमें तो जैसे ही भाभी  ने बताया कि आपकी तबीयत सही नहीं है हम तो दौड़े चले आए देखने, पर  आप तो सही लग रही हो, वैसे डॉक्टर ने क्या बताया? कुछ नहीं बेटा.. कुछ दिनों से हाथ पैरों में दर्द थकान कमजोरी और चक्कर से आते थे, कल तुम्हारे पापा के … Read more

बदलाव की चाहत – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“रीना, हेमा भाभी को देखो इस उम्र में भी कितनी स्मार्ट और ऊर्जा से भरपूर लग रही, और तुम घूम फिर कर वही सूट या माही का रंग उड़ा पैजामा सेट पहन लेती हो, हमेशा थकान से बेहाल रहती हो।कुछ तो बदलो समय के हिसाब से…! गोवा के समुन्द्र तट पर बैठे राजीव ने जब … Read more

तीर्थ स्थल – हरी दत्त शर्मा : Moral Stories in Hindi

   “पिताजी, आपका एक बैग मैने तैयार कर दिया है और दूसरा खाना खाने के बाद लगा दूंगी। कुछ और रखना हो तो याद दिला देना ” सिया ने अपने ससुर को खाना परोसते हुए कहा।    ” हाँ बेटा कोई जल्दी नहीं है, आराम से कल सुबह कर देना। आज तो तुम थक भी गई होगी, … Read more

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