अहंकार में रहना – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi
मम्मा…मम्मा सुनो तो मुझे वो रंग बिरंगी टाॅफी खानी है…जो सामने फुटपाथ पर पान की दुकान पर रखी थी । बंटी, माँ के साथ स्कूल जाते वक्त उन्हें देखकर खाने के लिए मचलने लगा…शायद वो उनका स्वाद चख चुका था तभी दुबारा खाने को इतना लालायित नजर आ रहा था । मम्मा ऽऽ ये बहुत … Read more