टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – खुशी : Moral Stories in Hindi

रामचंद्र शहर के बहुत बड़े समाजसेवक थे।उनके परिवार में उनकी पत्नी रजनी 3 बेटे महेश,सुरेश और नरेश थे और बहुएं गायत्री,अनीता और विद्या। सारा परिवार मिलकर रहता था।तीनों भाई पिता का जमाजमाया कारोबार संभालते थे।उनकी बहुत बड़ी साड़ियों की दुकान थी। भाई सुबह दुकान पर जाते और बहुएं घर पर रहती।बाकी सभी कामों के लिए … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वाकिंग के लिए गए हुए राजेश जी घर पहुँचे तो देखा पत्नी सीता कामवाली बाई से बात कर रही थी वह बता रही थी कि कल रात अचानक फर्स्ट फ्लोर में नए आए हुए प्रतीक जी की तबीयत खराब हो गई थी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था । सीता ने कहा अरे … Read more

कल की आई – अन्नु गोन्द : Moral Stories in Hindi

“सुजाता ओ सुजाता जल्दी आओ, देखो मयंक हम सब को छोड़ कर जा रहा है”- दीनानाथ चिल्लाते हुए पत्नी सुजाता को बुलाया रहे थे । दीनानाथ जी की आवाज सुन सुजाता जी कमरे से बाहर आ गई | बाहर आकर उन्होंने जो घर का नजारा देखा तो उनकी आँखों को विश्वास नहीं हुआ । बाहर … Read more

मोह मोह के धागे – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मुख्य सड़क से हटकर कच्चे पक्के मकानों के बीच इतराती बल खाती विलुप्त होकर पुनः सामने आती बेहिसाब गलियां….उसी एक गली में आज बेहद हलचल मची हुई थी लाउडस्पीकर से गीत की स्वरलहरियां हवा में दूर तक फैल रहीं थीं जो एक छोटे पक्के मकान से आ रहीं थीं। छोटी सी ही कथा रखी गई … Read more

मिले माई — लंगड़ा आया है – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

     शादी के बाद पहली रसोई के दिन ही श्वेता के कानों में आवाज आई…मिले माई लंगड़ा आया है….    इस आवाज को आए मिनट भर भी नहीं हुए होंगे कि ससुर जी ने आकर कहा ….दुल्हन , दो रोटी और थोड़ी सी सब्जी एक प्लेट में दे दो …लंगड़ा आया है ….पल्लू ठीक करते हुए धीरे … Read more

वृद्ध आश्रम – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

मिसिस एन्ड मि. राहुल गुप्ता का इकलौता बेटा रोहन, पढ़ लिख कर यू एस में जॉब करता था। पिछले 5 साल में 2 बार भारत आया था। पहली बार अपनी शादी करवाने और दूसरी बार अब, पिताजी के गुजरने पर। पिताजी के जाने के बाद, मॉ एकदम अकेली हो गई थी, इसलिए रोहन चाहता था … Read more

“टूटते रिश्ते जुड़ने लगे” – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

।हमारे घर में इतनी अधिक मेल मिलाप थी कि लोगों को मिसाल दी जाती थी कि देखो,फलाँ के घर कितना अच्छा परिवार है, कितनी मेल मिलाप है ।पर अचानक न जाने किसकी नजर लग गई कि सबकुछ गड़बड़ हो गया ।समीर दो भाई और दो बहन थे।सम्मिलित परिवार में सबकी रसोई एक ही थी। जब … Read more

बेटी बिना घर सूना – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” अम्मा..मिनी की शादी तय हो गई है।अब उसकी शादी में आप अपने सारे #अरमान निकाल लीजियेगा।” नरेश ने फ़ोन पर अपनी माँ को थोड़ी ऊँची आवाज़ बोला।सुनकर राजेश्वरी देवी चहक उठी,” कब है शादी है बाबू…।”  ” अम्मा..बस अगले महीने के पहिले हफ़्ते में है।भाईसाहब और भाभी को कह दिया है।आप तैयार रहियेगा..सप्ताह भर … Read more

बेटा कैसा भी हो बहु अच्छी होनी चाहिए – डा बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

समय बदलता सोच भी बदलती लेकिन ममता का स्वरूप कभी नहीं बदलता एक अपनत्व की डोर रिश्ते को कैसे आपस में बांधे रखती है…? आज़ सुबह से ही घर में खुशी का माहौल था रेखा जी के कभी बातें करने,कभी खिलखिलाने की आवाजें पडोसन बेला जी के लिए तो रहस्य का विषय बनी हुई थी। … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

एक छोटी सी गलतफहमी की बजह से घर मे ऐसा बबाल मचा की घर चार हिस्सों में बंट गया। आंगन के नाम पर चार गलियां सी बन गई और हंसता खेलता परिवार एक दूसरे का दुश्मन बन गया। अब एक दुसरे से बात करना तो दूर एक दूसरे को देखना भी गंवारा न था। और … Read more

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