“टूटते रिश्ते जुड़ने लगे” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

अपने किसी परिचित के शादी समारोह खत्म होने पर निधि वापस सहारनपुर से गाजियाबाद जा रही थी। थोड़ी देर बाद उसी बस में शिवम को चढ़ते देखकर निधि ठगी सी रह गई कहीं मैं सपना तो नहीं देख रही शिवम यहां कैसे ।एक बारगी उसका मन हुआ वह दौड़कर शिवम के पास चली जाए और … Read more

शारदा – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

शारदा अक्सर सुबह जल्दी उठ जाती …स्नान करके तैयार हो जाती …फिर सूर्य को नमस्कार करती… पौधों में पानी देती… पंछियों के लिए पानी बदलती… यह सब उसके दैनिक कार्य थे… एक मध्यवर्गीय परिवार से आई शारदा, हमेशा अपनी साड़ी का पल्लू अपने सर पर रखती … उसका माथा कभी सूना नहीं रहा …छोटी सी … Read more

“घर वापसी ” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

” पिताजी…..!” आपने छोटे चाचा को शादी में नहीं बुलाया! कहीं भूल तो नहीं गये! शादी के लिस्ट में सबका नाम है सिर्फ उन्हीं का नहीं है….? पिताजी की तीखी आवाज आई ….”.हाँ नहीं…. बुलाया….. और उसे भूला भी नहीं!”   “अब जाओ जो काम  दिया गया है संभालो समझ गये न! काम  बहुत पड़ा है … Read more

टूटते रिश्ते फिर से जुड़ने लगे – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

वंशिका अपने माता-पिता और भाई के साथ गाड़ी से उतरी ही थी तभी सामने दूसरी गाड़ी से अपने परिवार के साथ वैभव उतरता हुआ दिखाई दिया अचानक दोनों की दृष्टि आपस में जा टकराई दोनों के चेहरों पर अनकही पीड़ा की लकीरें उभर आई। वंशिका ने देखा कि वैभव काफी दुबला हो गया है।              वंशिका … Read more

* पति पत्नी का रिश्ता कोई खेल नहीं है* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

आशा ने कहॉ – ‘आ बेटा शुभि’….. फिर दरवाजे की ओर देखते हुए बोली- ‘यह क्या अकेली आई है, जमाई बाबू नहीं आए? आज तो रविवार की छुट्टी है, आ जाते तो अच्छा रहता।’ शुभी ने कुछ तमक कर कहॉ- ‘यह क्या हर पल जमाई बाबू…जमाई बाबू की रट लगाए रहती हो, तुम्हें मेरे आने … Read more

वो अनाम रिश्ता – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 मुझे नये कार्यालय में आये दो महीने ही हुये, ऑफिस के पास ही घर ले लिया….,  ऑफिस जाते हुये अक्सर एक उदास मासूम चेहरा मुझे दिख जाता, जाने उन आँखों में क्या कशिश थी जो निगाहें बरबस बगल के घर की ओर उठ जाती थी..,खिड़की के जंगले को पकड़े वो उदास ऑंखें, होठों पर ख़ामोशी … Read more

स्वाभिमान – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

फोन की घंटी बज रही थी राखी बाथरूम में थी बाहर आकर देखा तो भाई का फोन था। उसने काल बैंक किया हलो भइया हां राखी कैसे हो भइया ठीक हूं राखी ‌‌‌‌‌‌लेकिन ये बताना था कि मां ठीक नहीं है उनको हार्टअटैक आया था अच्छा अब कहां है मां अपने घर में या अपने … Read more

रिश्तों के जुड़ाव के लिए स्पष्ट संवाद जरूरी है… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  शाम को ऑफिस के बाद अमन जैसे ही घर पहुंचा तो रागिनी को किचन में न पाकर, ‘कहाँ हो भई ? मेरा नींबू पानी नहीं बनाया आज ?’ कहते हुए तीव्र गति से ड्राइंग रूम की ओर मुड़ गया। रागिनी को वहाँ भी न पाकर वह तुरंत अपने बैड रूम में पहुंचा। दरअसल गर्मियों में … Read more

माता पिता की जिद – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

माँ माँ आपसे एक बात करनी थी सुनील थोडी जल्दी मे था ऋषी के स्कूल से आया था।”क्या हुआ इतनी हडबडी मे क्यूं हो आँचल से गीले हाथो को पोछती हूइ” माँ बोली।मा अब मुझे रुपा और ऋषी को अपने साथ शहर ले जाना होगा ऋषी का रिजल्ट बहुत अच्छा आया हैं उसे अच्छे स्कुल … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – खुशी : Moral Stories in Hindi

रामचंद्र शहर के बहुत बड़े समाजसेवक थे।उनके परिवार में उनकी पत्नी रजनी 3 बेटे महेश,सुरेश और नरेश थे और बहुएं गायत्री,अनीता और विद्या। सारा परिवार मिलकर रहता था।तीनों भाई पिता का जमाजमाया कारोबार संभालते थे।उनकी बहुत बड़ी साड़ियों की दुकान थी। भाई सुबह दुकान पर जाते और बहुएं घर पर रहती।बाकी सभी कामों के लिए … Read more

error: Content is protected !!