मार्गदर्शन – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

पारो !  क्या हो रहा था बराबर वाले घर में सुबह- सुबह….  मेरी जेठानी की  ऊँची- ऊँची आवाज़ें आ रही थी कि  बेटा , इतने जतनो से पाला और इस कल की आई के लिए हमें छोड़कर जा रहा है ।  अमित कहीं चल पड़ा या सुमित  ? अच्छा हुआ…. इनके साथ ऐसा ही होना … Read more

पता नहीं बहू मेरे लिए क्यों इतना विष उगलती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज रंजना ने बेटे गौरव से कहा बेटा जाकर बहू और बच्चों को लिवा लाओ घर , कुछ पूजा पाठ करवा लेते हैं । बच्चा हुआ है तबसे घर में कुछ हुआ नहीं है । मैंने बहू से कहा भी था कि बच्चा होने के चालीस दिन जब घर में पूजा हो जाएगी तब जच्चा-बच्चा … Read more

बेटे की चाहत – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

विधी एक के बाद एक तीन बेटियो की मां बन गई।तीसरी बेटी के जन्म के समय वह जरूर मायूस हुई कि भगवान एक तो बेटा दे देते जो मेरा परिवार पूरा हो जाता खैर जैसी तेरी इच्छा प्रभू जो दिया वह सहर्ष स्वीकार है और वे मनोयोग पूर्वक अपनी तीनों परियों सी सुंदर बेटियों के … Read more

बेटा हुआ पराया – शैलबाला रवि : Moral Stories in Hindi

माँ हमारा  बैंगलुरू जाना  कनफर्म हो गया है ओर परसों की फलाइट है। क्या ? माँ ने खिन्नता से पूछा। बेटा पहले नही बताया ओर टकिट बुक करते समय भी  नही बताया ? बस माँ यूंही काम की व्यस्तता के कारण दिमाग से निकल गया। ठीक है जाओ हमारा आशिर्वाद है। अंबिका बेटे के व्यवहार … Read more

कर्मफल ( टूटता विश्वास) – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

“मां  आपको निर्णय लेना ही होगा मैं आपके कारण अपने घर में और कलह बर्दाश्त नहीं कर सकता” दिनेश ने गम्भीर लहज़े में अपनी मां पुष्पा से कहा  ” बेटा मैं क्या निर्णय लूं मैंने तो तुम्हें ही अपनी दुनिया मान लिया था तुम्हारे लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया, झूठ फरेब, धोखाधड़ी सब किया … Read more

जिम्मेदारी – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

 उस दिन के बाद टूटे रिश्ते जुड़ने लगे और आज आभा विवाह के बाद विदा होते हुए जब मानसी से गले मिलकर फुटकर रोई तो मानसी का दुलार वाला हाथ उसे अपनी मां का सा हाथ प्रतीत हो रहा था ।        लगभग 12 वर्ष पहले मानसी इस घर में बहू बनकर आई थी। घर में … Read more

जिंदगी कितनी खूबसूरत है,आइए आपकी जरूरत है। – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

मुग्धा,मधु,रेशू, असीम,निलेष रमेश तथा कुमार अपने नुक्कड़ नाटक को लेकर बात करते जा रहे थे। सात सदस्यीय ये टीम किसी संगठन से कम नहीं थी। विशेश्वर कालेज में पढ़ने वाले ये लोग बी काम के छात्र थे, पर जैसे सभी समस्याओं से जूझना इनका प्राथमिक लक्ष्य था। समाज में चल रही आपाधापी को ये लोग … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

*रिश्तों की महक* पुष्पा जोशी कल किसी परेशानी के चलते,राज ने  सुमी की बहिन को बिना सोचे समझे उल्टा-सीधा बोल दिया,वह चली गई, सुमी को बहुत बुरा लगा, मगर वह कुछ नहीं बोली, उसके ऑंसू देखकर राज को अपनी गलती का एहसास हो गया। कल राज की दीदी पूरे पॉंच साल बाद विदेश से आने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

न्याय – मंजू ओमर आज बहू के व्यवहार से शांता बहुत दुखी थी ‌‌‌‌‌वोकुर्सी पर बैठीं बैठीं सोंच रही थी मैंने भी तो अपनी सास के साथ कुछ अच्छा व्यवहार नहीं किया था ।फूटी आंख न सुहाती थी सास मुझे।और आज वही सब मेरी बहू मेरे साथ कर रही है ।सच ही कहा है ऊपर … Read more

बधाई हो – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

प्राची  को लड़केवाले देखना चाहते हैं , उसे दिखाने पुणे जाना होगा , कैसे संभव हो पाएगा ? कल  सार्थक का फोन आया था , वो बता रहा था  ,  तीन बहनों  में वेदान्त सबसे छोटा हैं , बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत है  , अभी  छुट्टियों  में  अपनी बहन के पास पुणे गया था … Read more

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