तांत्रिक – कमलेश राणा

सेठ मनमोहन नगर के सबसे धनवान, दयावान और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे,, लक्ष्मी की उनपर विशेष कृपा थी,, उनके द्वार से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता था,, लोगों की दुआएं उन्हें भरपूर मिलती थी,,  वो बहुत बुद्धिमान भी थे,, पैसा कहाँ निवेश करके अधिकाधिक कमाया जा सकता है, वो बखूबी जानते थे,, काफी चल- अचल … Read more

माँ की पीड़ा – दीपनारायण सिंह

आज सुबह से ही उसकी आँखे नम थी वो किसी पीड़ादायी सोच में डूबी अपनी दैनिक क्रियाएँ निपटा रही थी।कल तक जो चरण चपल जान पड़ते थे,आज पता नहीं क्यों लड़खड़ा रहे थे।आज उसके हाथ से आँचल के छोर छूट नहीं रहे थे।कोई निकलते आँसू को देख न ले,इसीलिए पसीना पोछने के बहाने बार-बार अपनी … Read more

पैसा और पुत्र मोह – दीपनारायण सिंह 

बेटा इस दुनियाँ में कोई कोई किसी का नहीं है ।अगर तुम्हारे पास पैसा है तो बहुत सारे लोग तुम्हारे हो जाएंगे ।अगर पैसा नहीं तो अपने भी अपने नहीं, चाहे रिश्ता कोई भी हो ।बने के बहनोई सब कोई है,बिगड़े के साला कोई नही ।जगतबाबू और उनकी पत्नी निर्मला देवी अपने बारह वर्षीय पुत्र … Read more

आज तो तूने मेरी माँ बन कर दिखा दिया बिटिया – निभा राजीव “निर्वी”

“अरे आप भी ना….आप अभी तक निमंत्रण पत्र बांटने नहीं निकले…. अखबार आता नहीं है कि हाथ धोकर उसके पीछे पड़ जाते हैं…. जल्दी जाइए ना! मुझे भी परिधि को लेकर गहनों की दुकान पर जाना है। कितने सारे काम पड़े हैं अनिकेत को भी साथ ले लीजिए, थोड़ी मदद होगी!”…. गीता जी ने स्नेहपूर्ण … Read more

 मन की सच्ची खुशी – गीता वाधवानी

अतुल और उसके पिता नवीन और उसकी मां रोशनी शहर में रहते थे। अतुल के दादा दादी गांव में रहते थे। गांव में उनका बहुत बड़ा घर था और बहुत सारे खेत भी थे। अतुल के दादाजी बहुत दयालु थे। वह किसी भी मुसीबत में गांव वालों का हर संभव साथ देते थे और गरीब … Read more

 पांच अनोखी बहुएं – सरगम भट्ट

चंपा , माया,  नेहा , दुर्गा, रानी (पांच बहुएं )कहां हो सब के सब अरे बाहर तो आओ हम खुशखबरी लेकर आए हैं हमें तो 10 दिन के लिए तुम सब आजाद हो, जितना जी में आए कर लेना मनमौजी और मनमानी अब मेरे रहते तो हो नहीं पाता। रानी – मन ही मन वो … Read more

सपनों की कोई उम्र नहीं होती – गीतु महाजन : best hindi kahani

“माँ ,जल्दी करो ,देर हो जाएगी।” “हाँ हाँ  आ रही हूँ,” बेटे की आवाज़ सुनते ही मेरे हाथ तेज़ी से चलने लगे।पूजा करती हुई मेरी सासु माँ ने भी जाने का इशारा किया और मैं बैग पकड़ती हुई तेज़ी से बरामदा पार करती हुई बाहर पहुंची जहाँ वह कार में बैठा मेरा इंतजार कर  रहा … Read more

 भाई हो तो ऐसा !! – रिंकि श्रीवास्तव

“बच्चों तुम लोग परेशान  ना हो , पापा जल्दी ठीक हो जावेंगे” ! शारदा  अपनी जेठानी के बच्चों को को दिलासा दे रही थी | शारदा की जेठानी के बच्चों  का रो -रोकर बुरा हाल था ,उनके पिता रामशरण की तबीयत बहुत खराब थी ,डॉक्टर ने जवाब दे दिया था कि यहाँ गाँव में इनका … Read more

एक किरण रोशनी की – मृदुला कुशवाहा

  बच्चालाल मजदूरी करके घर वापस आया था। उसके घर में प्रवेश करते ही रोशनी पानी लेकर आ गई थी। बच्चालाल थका हुआ था। बेटी को इस तरह देखते ही उसकी आंखों में आंसू आ गए। उसने भावविह्वल होकर कहा – “बिटिया, तू मेरी माँ है या बिटिया? आँखों से अंधी है, फिर भी मेरा … Read more

प्रायश्चित – प्रियंका त्रिपाठी’पांडेय’ : Moral stories in hindi

सुबह सुबह फोन की घंटी बज रही थी.राजन राधिका से कहता है.उठो..जाओ देखो किसका फोन है.नही मुझे सोने दो..जाओ तुम देख लो.अरे इतनी सुबह किसका फोन आ गया..राजन फोन उठाता है..”हैलो” उधर से आवाज आती है बेटा मैं मम्मी बोली रही हूं. आज शहर आई थी कुछ काम से काम तो पूरा हो गया सोचा … Read more

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