“माँ की करधनी” – विजय कुमारी मौर्य”विजय”
रामखिलावन का बड़ा सुन्दर परिवार था। कई सालों बाद माँ फूलमती की मिन्नतों से…. एक बेटा जन्मा था। रामखिलावन की माँ उसकी रात-दिन सेवा करती बस दूध पिलाने के लिए ही बहू जानकी की गोद में देती थी….. पोते के सवा महीने का होने पर उसका नामकरण और गाँव में दावत रखी उस दिन फूलमती … Read more