अहंकार हुआ चूर-चूर – अनु अग्रवाल

लक्ष्मी निवास में आज सुबह से ही चहल-पहल थी….हो भी क्यों न…. आखिर…घर के इकलौते वारिस चिराग की शादी की तैयारियां जो चल रहीं थीं……….घर मेहमानों से भर चुका था….आज हल्दी का कार्यक्रम था। तभी कामिनी जी(चिराग की  माँ) ने सबकी नज़रों से बचकर अपनी भाभी नम्रता को कमरे में चलने का इशारा किया…. “भाभी……..ये … Read more

 अहंकार टूट गया – गीता वाधवानी

कानपुर में ममता जी का संयुक्त हंसता खेलता परिवार। दो बेटे अमित और सुमित। बड़े बेटे अमित की पत्नी सीमा और दो बेटे खुश और राहुल। छोटे बेटे सुमित की पत्नी रेखा और उनकी दो बेटियां साधना आराधना। ममता जी के पति सुधांशु जी का कुछ समय पहले ही देहांत हो गया था। पूजा पाठ … Read more

परिंदे-कहानी-देवेंद्र कुमार

===== राजकुमार अभय का जन्मदिन निकट आ गया है। एक महीना पहले से ही जन्मदिन समारोह की तैयारियाँ होने लगी थीं। पूरा नगर किसी नई नवेली दुल्हन की तरह सजा दिया गया था। हर दिन नृत्य-संगीत की महफिल जमती थी। न जाने कहाँ-कहाँ से कलाकार बुलाए गए थे। जन्मदिन का भव्य समारोह राजधानी के बीचोंबीच … Read more

श्राद्ध की खीर – ऋतु गुप्ता

ह्रदेश जी की पत्नी का आज पहला श्राद्ध था, बहू और बेटे ने हर चीज उनकी पत्नी रमा की पसंद की बनाई थी । तर्पण भी बहुत मन से किया था, और जो ब्राह्मणी श्राद्ध का भोजन करने आईं थी उन्हें बड़े चाव से खाना खिला दान दक्षिणा देकर विदा किया।  खाने में भी खीर, … Read more

पड़ोसन – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : रचना एक कामकाजी महिला थी। वह घरेलू औरतों को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी क्योंकि उसके दृष्टिकोण से एक गृहिणी वही महिला बनती थी, जिसके अंदर बाकी कोई काबिलियत ना हो ।वह स्वयं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थी और उसके पति भी एक ऊंचे ओहदे पर पदस्थापित थे।        रचना … Read more

बहू की नौकरी से हमें क्या फायदा?——- – राशि रस्तोगी

“मौज मस्ती करने का बहाना चाहिए बहू को.. सुबह निकल जाती है तैयार होकर, देर रात को वापस आएगी.. कोई मदद तो भूल ही जाओ, उसके लिए जितना कर सकते हो कर दो!” गुस्से में रमा जी बड़बड़ा रही थी| चारु जो आज ऑफिस से जल्दी वापस आ गयी थी, बाहर खिड़की से आती हुई … Read more

“अहंकार” – ऋतु अग्रवाल

   रूपल दिखने में बहुत प्यारी बच्ची थी। अपनी माँ के अनुशासित लालन-पालन में उसके तौर तरीके भी संयमित हो रहे थे। पढ़ने लिखने व अन्य गतिविधियों में भी अच्छी थी। इन्हीं सब गुणों के चलते स्कूल,रिश्तेदारी और पड़ोस में रूपल की बहुत तारीफ होती थी। सब लोग रूपल की प्रशंसा करते थकते ना थे।              रूपल … Read more

हिंदी मेरी पहचान – नीतिका गुप्ता 

मिस सिया,, टू हूम विल यू गिव द क्रेडिट ऑफ योर सक्सेस..?? जस्ट ए मोमेंट आई विल आंसर यू ऑन सियाज बिहाफ … रोहन माइक हाथ में लेकर पत्रकारों से रूबरू हुआ और आगे कहा सिया इज गिविंग द होल क्रेडिट ऑफ हर सक्सेस टू मी… चारों तरफ से तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी … Read more

किसी गरीब के साथ ऐसा करना सही है – गुरविंदर टूटेजा 

 नीतिका डस्टिंग कर रही थी कि ऊषा आ गई…!! अरे ! अभी तो मेरी सफाई भी नहीं हुई और तुम आ भी गई…!! आज एक मैडम नहीं है बाहर गयी हैं तो मेरा काम जल्दी हो गया…मैं करा देती हूँ साथ में..बातें भी करने लगी…!! मैंने कहा पहले तुम एक हाॅस्टल में काम करती थी … Read more

अनूठी प्रेम कहानी – कमलेश राणा

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में क्वाँर के महीने में दशहरे से शरद पूर्णिमा तक टेसू और झेंझी के विवाह का उत्सव बच्चों द्वारा मनाया जाता है,,  मिट्टी का टेसू बनाकर बांस के हाथ पैर लगायेजाते हैं, कौड़ी की आँखें और मुँह बनाया जाता है,,और उसे कुर्ता पायजामा पहनाते है,, यह काम लड़के करते हैं,,  … Read more

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