बहू ये तुम्हारा ससुराल है ,मायका नहीं – सविता गोयल
आज नन्दिता के घर नई- नवेली बहू आने वाली थी । नन्दिता बहुत खुश थी। भाग भागकर बेटे- बहू के गृह प्रवेश की तैयारी कर रही थी। सारी तैयारी हो गई थी फिर भी उसका मन बेचैन था कि कहीं कोई कमी ना रह जाए। दरवाजे पर टकटकी लगाए खड़ी थी। इस शुभ अवसर पर … Read more