अहंकार का परिणाम – रक्षा गुप्ता
पितृपक्ष के दिनों में मंदिर के पास दान देने और दान ग्रहण करने वालों की बड़ी भीड़ लगी रहती.. सभी लोग अपने पुरखों के नाम पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करते और पंडितों को स्वादिष्ट भोजन भी कराते.. एक दिन मंदिर के पास एक बड़ी चमचमाती हुई गाड़ी आकर रुकी और उसमें से एक … Read more