घमण्ड – अरुण कुमार अविनाश
” ये वाशिंग मशीन मेरे मायके का है।”– नीरजा के स्वर में अहंकार का पुट था। ” चाची, ये क्या बोल रहीं हो आप!” – नीलू घबरा कर बोली। ” सही कह रही हूँ। जिसे देखो वही मेरी चीजें इस्तेमाल कर रहा है। वो भी बेतुके अंदाज़ में । अगर चीज़ बिगड़ जाये तो कोई … Read more