इज्जत और मर्यादा के नाम पर बेटियों की बलि कब तक दी जाएगी ? – संगीता अग्रवाल
“पता नही हमारी बच्ची कैसी होगी कई दिन से फोन भी नही आया उसका मैने मिलाया तो उठा नही !” सुगंधा जी पति राघव जी से बोली। ” अरे व्यस्त होगी तुम भी ना बेवजह चिंता करती हो !” राघव जी बोले। ” रुको मम्मी मैं मिलाता हूँ दीदी को कॉल !” तभी बेटा रिजुल … Read more