मर्यादा प्यार करने से नहीं धोखा देने से टूटती है! – मीनू झा 

जिज्जी,अगले महीने की अठारह को पड़ी है निम्मो की शादी,सबसे पहले तुम्हें ही फोन कर रही हूंँ,आठ दिन पहले आना,सारे रीति-रिवाज तुम्हीं तो बताओगी ना,और कोई बहाना ना बनाना,बता देती हूंँ…हांँ “-फोन पर अल्पना अपनी बड़ी बहन निर्मला से कह रही थी। “अरे क्यों ना आऊंँगी,इतनी बड़ी खुशी की बात है,वैसे कहांँ कर रही हो, … Read more

#मर्यादा -आज और कल – गुरविंदर टूटेजा

 रूही गुस्सें में मुँह फूलायें बैठी थी…!!    पापा(राजीव) ने घर में घुसते ही बोला…क्या हो गया हमारी गुड़िया को गुस्सें में क्यूँ  है..??    बिना कुछ जवाब दिये रूही अपने कमरे में चली गयी..!!    राजीव ने रीमा से पूछा तो वो बोली कि उसकों दोस्तों के साथ जाना था रातभर वही रहना है पार्टी करनी है … Read more

फैसला – सुधा शर्मा

चौपाल पर मजमा लगा हुआ था ।    सब लोग मिलकर नन्दा को भला बुरा कह रहे थे। कोई एहसान फरामोश कह रहा , कोई कृतघ्न , कोई लालची ।       एक स्वर मे सब उसको गाँव से निकालने या पुलिस के हवाले करने की सिफारिश कर रहे थे । आखिर उसने अपराध ही ऐसा किया था … Read more

स्त्री की मर्यादा ही उसका गहना है – सुल्ताना खातून

पहली बार उसे जब देखा था, दुपट्टा नमाज़ के स्टाईल में लपेटे, वह अपने दोनों नन्हें हाथों में किताब को सीने से लगाए मदरसा जाने के लिए घर से निकली थी… उसे पहली बार देखने वाला सीन एक तस्वीर की तरह छपी है, मेरी आँखों में… क्यूंकि तब मैं भी छोटा सा ही था… उसकी … Read more

स्वयंसिद्धा – शुभ्रा बैनर्जी 

“मां!मां! ये क्या सुन रहा हूं मैं?क्या हो गया है आपको? मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था,कि आप ऐसा कुछ कर सकतीं हैं।” अखिल की आवाज में निराशा और गुस्से का मिश्रण था।मुझे उसके चेहरे में कहीं न कहीं एक पुरुष का सारा हुआ अहं दिखाई दे रहा था।मेरे लिए उसका यह सवाल … Read more

मर्यादा में बंधी अलविदा – तृप्ति शर्मा

आज बहुत दिनों बाद चाची के घर के सामने उस से टकराना हो गया ,वही बाल बनाने का तरीका वही कपड़े पहनने का अंदाज और वही शरारती हंसी और बातूनी आंखों की मुस्कान। इन सब को देख कर ही निशा का मन अमित पर आया था। चचेरे भाई का दोस्त था अमित और पड़ोस में … Read more

वापसी – कल्पना मिश्रा

रीमा की फ़िज़ूलखर्ची और ज़िद्दी स्वभाव के कारण दिन रात होती लड़ाई से उमेश परेशान हो चुका था । आज रीमा से इस बारे में बात करेगा कि  अभी भी वक्त है।जो भी एक दूसरे को नापसंद हो .. दोनों ही अपनी आदतें सुधारने की कोशिश करेंगे,,,और फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ तो बगैर … Read more

मर्यादाएं सिर्फ मेरे लिए? – मीनू झा

तलाक हो गया तो दुनिया भर में बदनाम हो जाएगी…कह कह कर मेरे घरवाले मुझे ऐसे पति को झेलने के लिए मजबूर करते रहे जो तन मन धन से कभी मेरा रहा ही नहीं…शादी की पहली रात बस इतना जरूर बता दिया मुझे–मैंने शादी पारिवारिक दवाब में की है, परिवार की बहू तुम हमेशा रहोगी … Read more

मर्यादा – डाॅ संजु झा

मानव जीवन  के खेल निराले हैं,उसमें कभी तो सुख की बरसात होती है,तो कभी गमों के काले बादल उसकी जिन्दगी को अंधेरा कर जाते हैं और वह परिस्थितियों से घबड़ाकर मर्यादा की सीमारेखा को पार करने को मजबूर हो उठता है।अकस्मात् उसकी जिन्दगी के आसमान  में मर्यादारुपी बिजली चमककर उसे सही रास्ता दिखा जाती है।  … Read more

बिटिया की जात,,, मत कर ज्यादा बात,,,  – मंजू तिवारी

बिटिया की जात ,,,मत कर ज्यादा बात,,, यह कहावत संजू अपनी दादी से अक्सर सुनती रहती थी जब वह छोटी थी घर में उसके और भी चचेरी बहने थी तो सब भाई बहनों में झगड़ा होता तो हम बहने ज्यादा बोलते या किसी से मुंह जोरी करते,,,, हम बहनों का अपनी मां से झगड़ा हो … Read more

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