अपने जिगर के टुकड़े को किसी को सौंपने से पहले सौ बार सोचिये – संगीता अग्रवाल
पराया देश पराए लोग पर फिर भी काव्या खुश थी क्योंकि जिसके लिए इतनी दूर सात समुन्द्र पार आईं थी वो पराया नहीं था बल्कि वो तो उसका सुहाग मिहिर था। काव्या जिंदगी को भरपूर जीने वाली लड़की घर भर की लाडली काव्या। ” शालिनी काव्या के लिए एक रिश्ता आया है एनआरआई लड़का है … Read more