समाज का डर – नेहा पटेल
रघुनाथ जी के कदम आज इतने भारी लग रहे थे जैसे उनके पैरों में मन भर का सीसा बांध दिया गया हो। साठ साल की उम्र में उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे थे। एक सरकारी स्कूल के रिटायर्ड हेडमास्टर होने के नाते पूरे मोहल्ले में उनकी एक अलग प्रतिष्ठा थी। लोग उनके आगे … Read more