मैली नहीं होगी रेवा: एक मासूम का संकल्प
शादी के बारह बसंत बीत जाने के बाद भी जब सुमित्रा और देवेश के घर की देहरी पर किसी नन्हे पाँव की आहट नहीं गूँजी थी, तो मोहल्ले और कुल-कुटुंब की निगाहें पथराने लगी थीं। कभी इस सिद्ध पीठ की परिक्रमा, कभी उस दरगाह की मन्नत, तो कभी नर्मदा किनारे खड़े वटवृक्ष पर बंधे धागों … Read more