रिश्ते पैसे से नहीं संस्कार से निभते है – मंजू ओमर

रश्मि यह लो ₹10000 रूपये  कल तुम्हारी एनिवर्सरी है ना जो  चाहे खरीद लो और जहां चाहे पार्टी करना अपनी सहेलियों के साथ खूब मस्ती करना और इंजॉय करना विनय बोला। रूपये रश्मि के हाथ में रखता हुआ। , और तुम तुम नहीं इंजॉय करोगे तुम्हारी भी तो मैरिज एनिवर्सरी है मेरी अकेली की तो … Read more

रिश्ते पैसों से नहीं संस्कार से निभाते हैं – तोषिका

हमें इन पैसों की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम *रिश्ते पैसों से नहीं संस्कार से निभाते हैं*। शालिनी ने अपने बेटे राघव से बोला। आपने ही तो मुझे कहा था “घर आ जा, बेटा तेरी बहुत याद आ रही है। तेरे पापा की भी तबियत ठीक नहीं चल रही है।” तो मैं आ गया और … Read more

रिश्ते और पैसा – खुशी

शालिनी जी एक सुलझी हुई महिला थी और उनके पति किशन जी भी सीधे साधे थे जिन्हें अपने परिवार और दुकान से ही लेना देना था हफ्ते के 6 दिन पर मंगलवार उनकी मार्केट बंद होतीं तो वो अपने दोस्तों को टाइम देते । परिवार में तीन बच्चे थे श्रुति , श्रवण और गगन ।तीनों … Read more

दो लिफाफे – लतिका श्रीवास्तव 

हॉस्पिटल से घर लौटने के बाद बड़े बेटे संजीव ने पिता श्रीकांत के हाथ में एक मोटा लिफाफा रख दिया। “पापा, इसमें पचास हजार रुपये हैं। आगे दवाइयों और ज़रूरतों में काम आएँगे।” उसी समय छोटे बेटे आशीष ने भी एक छोटा-सा लिफाफा पिता की ओर बढ़ाया। श्रीकांत दोनों लिफाफों को देर तक देखते रहे। … Read more

रिश्ते पैसों से नहीं बनते – रानू जैन

मनीषा की शादी को अभी 6 महीने ही हुए थे। ससुराल में सास शांति देवी, पति अमन और देवर यकीन थे। शांति देवी मोहल्ले में मशहूर थीं – साफ दिल, थोड़ी कड़क और हिसाब की पक्की।  शादी के पहले ही दिन शांति देवी ने दहेज का सामान देखा – फ्रिज, टीवी, सोना। फिर मनीषा का … Read more

रिश्ते पैसों से नहीं संस्कार से निभते हैं | – सुदर्शन सचदेवा

बरसों पुराना वह घर आज भी वैसा ही था। आँगन के बीचों-बीच खड़ा नीम का पेड़, बरामदे में रखी लकड़ी की पुरानी कुर्सी, तुलसी के चौरे पर जलता दीपक… सब कुछ पहले जैसा। यदि कुछ बदल गया था, तो वह था घर का शोर। जहाँ कभी बच्चों की हँसी गूँजती थी, वहाँ अब सन्नाटा अपनी … Read more

रिश्ते पैसों से नहीं संस्कार से निभते है – ऋतु अग्रवाल

शहर के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपति हरिनारायण अग्रवाल सेठ का नाम सम्मान से लिया जाता था। करोड़ों की संपत्ति, कई फैक्ट्रियाँ और आलीशान हवेली… किसी चीज़ की कमी नहीं थी। लेकिन किस्मत ने कई अनहोनी भी कर दी थी पत्नी की देहांत एक लंबी बीमारी के चलते हो गया  था | इकलौता बेटा धनंजय और उसकी … Read more

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