अब और नहीं कार्तिक – वीणा सिंह

आज माया का तीसरा दिन है आईसीयू में…माया को ब्रेन स्ट्रोक के कारण आईसीयू में एडमिट करना पड़ा है… रूपेश जी तीन दिन से पागल से हॉस्पिटल में भगवान से दुआ मांग रहे हैं अपनी जीवन संगिनी के स्वास्थ्य के लिए…               डॉक्टर ने अचानक रुपेश जी को सूचना दी पेशेंट होश में आ गई है.. … Read more

अपने हुए पराए – सीमा सिंघी

समीर तेरी सूरत देखे पूरे पांच साल हो गए । अब तो भारत आजा बेटा। अपने देश जहां अपना इंदौर शहर है।  जिसे हम हक से अपना कह सकते हैं। तुम तो कुछ महीनो के लिए गए थे मगर,वे महीने कब साल में बदल गए, पता ही नहीं चला। मुझे तुम्हारी, बहू की और बच्चों … Read more

“अपने ही पराए ” – कमलेश आहूजा

रिया आज बहुत उदास थी क्योंकि उसने सच्चे प्यार को जो ठुकरा दिया था।और करती भी क्या वो?जिम्मेदारियों के बोझ तले दबी हुई थी।घर में कमाने वाली वो अकेली ही तो थी।पिता के जाने के छोटे भाई बहन और माँ की जिम्मेदारी उसके ही कंधों पे आन पड़ी थी।कैसे इन जिम्मेदारियों से मुँह मोड़कर अपना … Read more

अपने हुए पराए – डाॅ संजु झा

आसमान में सुबह से ही सूरज बादलों के साथ ऑंख-मिचौनी खेल रहा था।कभी बादलों की ओट में बिल्कुल छुप जाता और कभी अचानक से बादलों की ओट से निकलकर सारी पृथ्वी पर अपनी किरणों से उजाला भर जाता। जन्म के बाद से ही विदेश की धरती पर रहने पर भी अल्बर्ट को यहाॅं का मौसम … Read more

अपने हुए पराए – खुशी

अमन और नमन दोनों भाई थे।अमन बड़ा था अच्छी पोजीशन पर था।नमन छोटा था थोड़ा चुलबुला शरारती था।उधर अमन मेहनती काम के प्रति समर्पित इसी कारण वो बहुत ही कम उम्र में बहुत ऊंची पोजीशन पर पहुंच गया।नमन ने भी बीकॉम और मार्केटिंग में mba किया और उसकी भी अच्छी नौकरी लग गई। अब अमन … Read more

अपने हुए पराए – विनीता सिंह

एक गांव में राजू अपनी मां राधा के साथ रहता था ।दोनों खेती करते थे कुछ दिनों बाद राजू की शादी उसकी मां ने सीमा से करा दी सीमा बहुत सुशील संस्कारी थी उसने घर को अच्छी तरह से संभाल लिया। सबका बहुत ध्यान रखती थी और अपनी सासू मां के साथ मिलकर पूरे दिन … Read more

*अपने हुए पराए* – तोषिका

मां, मां कहा हो तुम? जल्दी बाहर आओ। खुशी में चिल्लाती दिया बोली। उधर रसोई से अपनी साड़ी से हाथ सुखाती हुई बाहर आते हुए उसकी मां रमा बोली “क्या हुआ बेटा? सब ठीक तो है ना?” दिया बोली हा मा सब ठीक है, अरविंद को स्कॉलरशिप मिली है, अब वो अमेरिका जाके अपनी आगे … Read more

अपने कब बन गए पराये – गीता वाधवानी  

 दरवाजे पर घंटी बजी। मां शारदा देवी ने दरवाजा खोला और अपने बेटे आयुष्मान को देखकर बोली-” अरे बेटा आज तो जल्दी आ गया पैसे तो तुझे आते आते रात के 8:00 जाते हैं। ”   आयुष्मान -” हां मां आज हम बाहर खाना खाने चलेंगे, आप तैयार हो जाओ।मैं अभी रति से भी तैयार होने … Read more

परायेपन का सुरक्षा कवच – लतिका श्रीवास्तव 

सावित्री सुशांत का कोई फोन आया ? सुबोध जी ने सुबह से पांचवीं बार वही प्रश्न किया तो सावित्री झुंझला गई। अरे अब काहे करेगा ऊ यहां फोन।अब ता नौकरी भी मिल गई बीबी भी मिल गई।काम खत्म मां बाप का । जब तक पढ़ाई कर रहे थे जब नौकरी नहीं मिली थी परेशान थे … Read more

बेटा – खुशी

निर्मला जी के दो बच्चे थे। धीरेन और दृष्टि।धीरेन बड़ा था जब वो दो साल का था तो पिता की नौकरी छूट जाने के कारण वो जमशेदपुर से दिल्ली आ गए।निर्मला का जमशेदपुर में भरा पूरा परिवार था। मां बाप ,बहने भाई पड़ोस में ही मां का पूरा परिवार रहता था।बचपन से निर्मला लाडो में … Read more

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