मुक्ति का स्वाद
आज सुबह रघुनाथ जी की हालत बहुत खराब थी। वे दर्द से कराह रहे थे और उनकी आँखों से लगातार आंसू बह रहे थे। उन्होंने कांपते हाथों से विमला का हाथ पकड़ा और टूटी हुई आवाज़ में कहा, “विमला… मुझे जाने दे। पर इस कड़वाहट के साथ मत भेज… मेरा मुँह मीठा करवा दे… मेरी … Read more