टका-सा मुॅंह लेकर रह जाना – डॉक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

प्राचीनकाल में  किसी जंगल में नदी किनारे एक जामुन  के पेड़ पर एक बंदर रहता था।बंदर उस पेड़ के मीठे-मीठे जामुन खाता और अपने दिन आराम से बिताता, परन्तु उस बंदर के दिल में एक ही मलाल था कि उस निर्जन वन में उसका कोई दोस्त नहीं था।अकेलेपन के कारण बंदर कभी-कभी उदास हो जाता … Read more

आंसू बन गए मोती – खुशी : Moral Stories in Hindi

रति एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती थी। परिवार में मां शांति , पिता श्याम लाल और दो भाई बहन नीता और अनंत ।रति कॉलेज के आखिरी साल में थी उसी के साथ पढ़ने वाले आकाश से उसकी दोस्ती थी।दोनो ही मेघावी छात्र थे।दोनो की बातों का विषय किताबें या समाजिक मुद्दे ही होते। … Read more

आंसू बन गए मोती – ऊषा बुच्चा : Moral Stories in Hindi

रवि , ८ साल का बच्चा , गोरा और नाक नक्श भी अच्छे , रास्ते पर खड़ा आने – जाने वाली गाड़ियों की सफ़ाई कर रहा था !  सिगनल के कारण रमा जी की गाड़ी खड़ी हो गई थी और रमा जी रवि से पूछ बैठे , यहाँ धूप में गाड़ियाँ साफ करने का काम … Read more

नाजों पली – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कॉलोनी के पार्क मे सुबह आसपास के काफी लोग आया करते थे । ज्यादातर बड़े बूढ़े वहाँ थोड़ा घूम कर बतियाने लगते , जवान दौड़ लगाते या व्यायाम करते और बच्चे साइकिल चलाते या कुछ ना कुछ खेल खेलते ।  ऐसे ही एक सुबह बड़े बूढ़े आपस मे बतिया रहे थे । उनमे कुछ 70-80 … Read more

उपहार वही जो दिल से दिया जाए – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“नीता!तुम्हारे विकास भैया का फोन मेरे ऑफिस में आया था तुम्हार भतीजे कुणाल की शादी तय हो गई ,मई में शादी है, हमें बहुत इसरार और सम्मान से ब्याह का न्यौता दे रहे थे! कह रहे थे “आप घर के दामाद हैं बहन से पहले आप को फोन कर रहा हूं!पता है नीता मुझसे झगड़ा … Read more

आंसू बन गए मोती – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

गाँव के एक छोटे से घर में मोहन अपनी पत्नी सुनीता और दो बच्चों, रोहित और पायल, के साथ रहता था। मोहन एक किसान था, लेकिन सालों से सूखा पड़ने के कारण उसकी फसलें बर्बाद हो रही थीं। आमदनी कम होने के कारण घर चलाना मुश्किल होता जा रहा था। सुनीता एक समझदार और सहनशील … Read more

सैनिक भाई का वो आखिरी खत – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

“छुटकी ! बोल न, अगर तुझे कोई लड़का पसन्द है तो  ,मैं मम्मी – पापा से बात आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करूँगा  । अब नीलेश ने प्यार भरे मनुहार “से ज़ोर देते हुए कहा…देख दिव्या (छुटकी) फिर मत कहना भैया ने साथ नहीं दिया । “अब मेरी छुट्टियाँ कल ही खत्म होने वाली हैं … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – राजेश कुमार : Moral Stories in Hindi

क्या टका सा मुंह ले के बैठे हो सुबह सुबह। चलो उठो और पार्क में सैर करके आओ। पिता ने अपने मायूस हो रहे बेटे को कहा। क्योंकि की कल ही उसका रिजल्ट आया था और वो फिर से  कुछ मार्क से रह गया था । ये उसका तीसरा अटेम्प्ट था। पिताजी ने रात को … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

अरे कहां है आप ?कब से पुकार रही हूं।चाय है कि ठंडी हुई जा रही है।अनिका ने अपने पति अनय को आबाज लगाते हुए कहा और चाय लेकर बरामदे की तरफ आई।आप यहां चहलकदमी कर रहे हैं और मैं गला फाड़कर आपको पुकार रही थी।अनिका ने चाय की प्याली को पास की मेज़ पर रखते … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

” अनु और सुम्मी दो सहेलियाँ थीं।दोंनो गाँव में रहती थीं।अनु के पिता बहुत बड़े जमींदार थे– पचासियों नौकर चाकर उनके यहाँ काम करते थे।धन तो पानी की तरह  खर्च होता था।अनु अकेली बेटी थी और चार भाई थे।सभी बहुत  अच्छे स्वभाव के थे– कभी किसी गरीब का निरादर नही करते हालांकि उनके पास अथाह … Read more

error: Content is protected !!