उड़ान – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मुंबई की ऊॅंची चमकदार बिल्डिंग में रहने वाली नीलिमा की जिंदगी बाहर से एकदम परफेक्ट लगती थी। एक बड़े बिजनेस टाइकून की वाइफ, दो प्यारे-प्यारे बच्चे और लग्जरी लाइफ। लेकिन, अंदर ही अंदर वह अपने अधूरे पड़े सपनों की कसक लेकर जी रही थी। नीलिमा एक बेहतरीन फैशन डिजाइनर थी। शादी से पहले उसने कई … Read more

*अन्याय के विरुद्ध जंग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

         यूँ तो संदीप काफी पहले से ही परेशान था,पर कुछ न कर पा सकने की मानसिकता और साहस की कमी उस में हीन भावना भरती जा रही थी।संदीप एक मेधावी छात्र था,हमेशा टॉप करता,खूब मेहनत करके वह अपनी स्थिति को कायम रखना चाहता था।पर वह देख और समझ रहा था कि देवकीनंदन सर   उनसे … Read more

अभागिन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   बस…. मां… बस…..अब एक शब्द भी मत बोलना ….नहीं सुन सकूंगी अब ……और तू चिंता मत करना मां ….. ये बड़ा अटैची देखकर ये मत सोच लेना कि अब मैं यही रहूंगी…. कुछ दिनों के लिए आई  हूं मां ….हां कुछ दिनों के लिए  ही आई हूं… कहते कहते आंचल का गला भर आया…! अरे … Read more

आखिरी फैसला – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मायके से पॉच महीने के हार्दिक को लेकर लौटी मैथिली को स्टेशन पर ही जब परिमल ने अपनी बॉहों में भर लिया तब वह प्रसन्नता से खिल उठी। घर आकर  बुरी तरह गन्दा और बिखरा हुआ घर देखकर उसकी सारी खुशी उड़ गई। परिमल ने जब उसे बताया कि उसके जाने के बाद कौशल्या ने … Read more

पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

राधा…. ओ राधा। अरी कहां है सारा दिन मौहल्ले के बच्चों के साथ धमा-चौकड़ी मचाती फिरती है। पिता का स्वर सुनकर 13 बर्ष की राधा को घर के भीतर आना ही पड़ा। “अरी ब्याह की उम्र हो चली है तेरी अगले माह लगन है”। पास-पड़ोस के लोग ताने मारने लगे हैं , लड़की घर में … Read more

लक्ष्य – मनीषा सिंह   : Moral Stories in Hindi

 “सुखिया की उम्र यही कोई 50- 55 के आसपास थी वह गांव का मेहनती ईमानदार और सीधा-साधा व्यक्ति था जो गांव के मुखिया बंसी लाल जी के यहां खेती-बाड़ी का काम देखता ।पत्नी को मरे 20 साल हो गए उसकी एक बहुत ही प्यारी बेटी लाजो जो 2 साल की थी। मरने की समय लाजो … Read more

जिम्मेदारी उठाएगा कौन? – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

पूरे दिन मैं घर और ऑफिस के काम में लगी रहती हूँ… तुम्हारा क्या है.. रात को घर आओगे खाना खाओगे कुछ देर टीवी देख कर सो जाओगे, सुबह बिस्तर पर  चाय मिल ही जाता है नाश्ता किया निकल गए। मुझे अपने साथ साथ अंश के लिए भी सोचना पड़ता है और अब ये जिम्मेदारी … Read more

पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों – खुशी : Moral Stories in Hindi

राम चरण जी और विद्या की शादी को सात साल हो गए ।परंतु उन्हें संतान सुख की प्राप्ति ना हुई।कितने मंदिरों के चक्कर लगाए व्रत उपवास किए पूजा पाठ किया पर कोई फल नहीं।पर कहते है ना ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं। एक दिन सुबह विद्या जी उठी तो बोली आज बड़े चक्कर … Read more

मेरा फैसला – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 रोहित और उसकी पत्नी भावना गाजियाबाद में रहते थे। रोहित का छोटा भाई मोहित अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ उत्तर प्रदेश के एक दूर   गांव में रहता था।   एक दिन रोहित के पास मोहित का फोन आया। उसने कहा -” भैया, दो-तीन दिन की छुट्टी लेकर आ जाओ और मां को शहर ले जाओ। … Read more

आखिरी फ़ैसला – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मालती अपनी आदत के अनुसार रसोई में चाय बनाने के लिए गई। यह उसकी पुरानी आदत थी वह दो कप चाय बनाकर पति को उठाती उठिए चाय बन गई है और दोनों मिलकर बालकनी में बैठकर बातें करते हुए चाय पीते थे। आज उसने एक कप चाय अपने लिए बनाई और बाहर बालकनी में बैठने … Read more

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