उपहार की कीमत नहीं दिल देखा जाता है – राजेश इसरानी : Moral Stories in Hindi

मां आज मेरी सबसे खास सहेली का जन्म दिन है। उसने शाम को सात बजे अपने घर पार्टी में बुलाया है।  क्या तोहफा लेके जाऊ, बताओ न मां। वो बहुत अमीर लोग है तुम उनके लिए क्या लेके जाओगी। वहां सब बड़े बड़े लोग आयेंगे बड़े बड़े तोहफे लेके उनके सामने तुम्हारा तोहफा कुछ मायने … Read more

सूरज का भ्रूण! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

भोर की आहट के साथ ही स्वरा ने गुदढी को दूर फेका और वह नित्य कर्म से मुक्त हो कर गुसलखाने की ओर बढ़ गई! कड़कड़ाती ठंड में भी वह बर्फ से ठंडे पानी से नहाई और बालों को झटक कर सूखाने लगी! घुंघराले बालों की लटों से मानों ओस की बुंदे गालों पर लुढ़क … Read more

स्नेह का बंधन – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

गर्मियों की वह शाम हल्की सुनहरी धूप में नहाई हुई थी। गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे बुज़ुर्गों की चौपाल जमी थी और पास ही बच्चे उछल-कूद कर रहे थे। वहीं, चौपाल से थोड़ा दूर, आँगन में बैठी शुभा अपने पुराने संदूक में कुछ तलाश रही थी। संदूक की लकड़ी वक्त के साथ … Read more

अनजानी – प्रशांत तिवारी : Moral Stories in Hindi

जान पहचान मिलना जुलना रिश्ते संबंध सब पहले से तय है  मगर कुछ लोग जो अचानक जीवन में आते हैं उसके पीछे कोई कारण ज़रूर होता है वो इंसान या तो कुछ सबक दे कर जाता है या सीख  आइए जानते हैं मेरी इस अनोखी कहानी में जिसे लिखने का एक छोटा सा प्रयास मेरे … Read more

बहू से तो हमेशा का स्नेह का बंधन होता है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

शिखा तुम यहां धूप में क्यों बैठी हो? नई नवेली बहू ने घर से बाहर कर दिया क्या? देखो तो भला इस समय कौन इस तरह पार्क में बैठता है, घर में दस काम होते हैं, अभी तो यहां कोई सहेली भी नहीं है, जिसके साथ बैठकर गप्पे लड़ा सकें, मनिता जी ने हंसते हुए … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

नक़ाब – रश्मि प्रकाश  घर में घुसते ही अमन मानसी को चार चाटें रसीद कर ग़ुस्से में दाँत पीसते हुए बोला ,” तुम्हें वहाँ पार्टी मीटिंग में अजनबी आदमियों से बात करने की क्या जरूरत थी कितनी बार कहा है पराये मर्द से बात मत किया करो पर तुम… ।” “ आप भी तो वहाँ … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

ससुराल में हक – हेमलता गुप्ता मम्मी जी… आप जो बात बात पर मुझे यह ताना देती है कि यह मेरा घर है तो  मत भूलिए यह मेरा भी घर है, हर बहू का “ससुराल में हक” होता है जिस प्रकार आप इस घर की बहू है उसी प्रकार मैं भी आपकी बहू हूं, बस … Read more

उपहार – शैलेश सिंह “शैल,, : Moral Stories in Hindi

कुमार जी शहर में एक मल्टीनेशनल कम्पनी में जॉब करते थे। शहर में ही उनका बंगला था और उनके पास सभी तरह की शहरी सुख सुविधाएँ थी। बच्चे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ते थे और एक अच्छा जीवन जी रहे थे। वर्ष में एक दो बार कुमार जी का  परिवार के साथ गाँव आना जाना हो … Read more

स्नेह का बंधन – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

तेंदुए के हमले से वो बुरी तरह जख्मी हो गया था जैसे कैसे उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर ने उसकी मरहम पट्टी दवाई इत्यादि करके घर भेज दिया  मगर अभी वो पूरी तरह ठीक नही हुआ था अंदर ही अंदर शायद दर्द में था जिसे वो बोलकर बता नही पा रहा था मगर उसका … Read more

दादी की शादी में मिला, वो संदूक – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

अस्सी नब्बे साल पहले, आज जैसा माहौल नहीं था। आज तो लड़कियां अपनी शादी में सब कुछ कपड़े, ज्वैलरी, होटल, खाने की, रुकने की व्यवस्था से लेकर हनीमून तक की प्लानिंग अपनी पसंद अनुसार करती हैं। पहले तो शादी का नाम सुनकर ही रोना धोना शुरू हो जाता, कई बार खुश होने पर भी लड़कियां … Read more

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