खाली कुर्सी – बालेश्वर गुप्ता
घर से सामान के ट्रक में लदते समय मेरे बेटे समीर ने मेरे कमरे में रखी पुरानी कुर्सी को हटा दिया,और पैकर्स से कहा कि इसे लादने की जरूरत नही है।मैंने सुना तो मेरी तंद्रा टूटी और मैं अचकचा कर बोला,नहीं-नहीं, इस कुर्सी को भी लेकर चलना है,ये मेरे बाबूजी की कुर्सी है।उनकी याद है, … Read more