उपहार की कीमत नहीं दिल देखो …… – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

रीमा और सीमा भाई के जन्मदिन पर आती है, सीमा अपनी भाभी चेतना को गोल्ड की चैन दिखाते हुए कहती- ” भाभी देखो मैं भैया के लिए गोल्ड की चैन लाई हूं, देखो भाभी भैया को ये डिजाइन अच्छी लगेगी? ” तब उसकी भाभी चेतना कहती – अरे वाह इतनी मंहगी चैन !! ये तो … Read more

‘ स्नेह का बंधन’ – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

कुछ …मेरे ही…करम रहे होंगे ….जाने किस ..करम की सजा दे ….रहा है भगवान मुझे, अपने आप…..तो चले गए ……ठाकुर साहब मुझे जाने……क्यों नहीं बुलाते …अपने पास? सांसों की तार कोई धागा …तो नहीं… जो मैं खींच कर तोड़ दूं। कहते कहते आंखों से अविरल अश्रु धारा चल पड़ी उनकी आंखों से। बड़ी मुश्किल से … Read more

स्नेह_का_बंधन – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

रघुवीर जी का इकलौता बेटा था राघव। यथा नाम तथा गुण। संस्कारी पढ़ने में होशियार। हर माता-पिता की तरह रघुवीर जी का भी सपना था कि उनका बेटा बहुत बड़ा आदमी बने। जबकि उनकी पत्नी मीना जी हमेशा ही कहती, देखो जी ज्यादा ऊंचे ख्वाब ना देखो। ना अपने बेटे को दिखाओ। हमारा इकलौता बेटा … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

#दोहरा चेहरा – संगीता अग्रवाल ” आ गई महारानी बाहर देखो कैसे हंस हंस कर बात करती है सबसे और घर पर आकर मुंह बना रहता है । पर ये समझ लो ये दोहरे चेहरे वाला व्यक्तित्व ज्यादा दिन नही चलने वाला एक दिन सबको तुम्हारी असलियत पता लग ही जानी है !” वाणी के … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

दोहरे चेहरे – श्रीमती सविता शर्मा  सुलोचना घर की बड़ी थी दो बहु घर में आई ।लेकिन दोनों के-साथ अलग-अलग व्यवहार निधि के साथ प्रेम भरा व्यवहार अदिति के साथ रूखा व्यवहार। जबकि अदिति शांत और समझदार लेकिन फिर भी उसके साथ होता बुरा व्यवहार। एक बार घर में आए मेहमान सभी के सामने सुलोचना … Read more

आशीर्वाद ही सबसे बड़ा उपहार है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सुबह से घर में चहल-पहल थी, वंदना जी घर की साफ-सफाई करवाने में लगी थी, अखिलेश जी फूल मालाओं और बाकी की व्यवस्था देख रहे थे, उनका बेटा नवीन खाना-पीना मंगवाने के लिए लगातार फोन पर था, और बहू केतकी नन्ही सी बेटी को मातृत्व के स्नेह से सींच रही थी। अभी कुछ दिनों पहले … Read more

भाई बहन का स्नेह बंधन – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 आज रक्षाबंधन है। 17 वर्षीय सलोनी सुबह से ही अपनी मम्मी के साथ रसोई में काम करवा रही थी और तरह-तरह के व्यंजन बनाए थे, वैसे वह भले ही देर से उठती हो पर राखी वाले दिन तो उसका उत्साह देखते ही बनता था और फिर आज तो उसके मामा मामी भी यही आ रहे … Read more

समझदार बच्चे,नासमझ मां – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

राखी की हम उम्र ननद (सुजाता) ने फोन पर बताया कि वह अपनी बेटी के साथ आ रही है।राखी की शादी के समय वह कुंवारी थी।ससुराल में आकर वही एक सच्ची सहेली बनी थी।राखी और सुजाता की खूब पटती थी। ससुराल में सास-ससुर और पति के साथ सामंजस्य बिठाने में,सुजाता ने अपनी भाभी की बहुत … Read more

पराया अपना क्यों लगता है? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कोई है? हेलो! कोई है अंदर? नेहा खुले दरवाजे को देखती उस अनजाने घर में घुसती चली जा रही थी। बड़ी सुंदरता से डेकोरेट हो रखा है ये घर..जिसका भी है उसका सुरुचिपूर्ण स्वभाव है,उसने प्रशंसा के भाव लाते इधर उधर झांका पर कोई दिख नहीं रहा था वहां। जिज्ञासा से वो एक अधखुले कमरे … Read more

उपहार की कीमत नहीं देनेवाले की नीयत देखी जाती है – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

गोल्डन पब्लिक स्कूल की  बच्चों की छुट्टी हो चुकी थी। अचानक   एक रजिस्टर  लेकर आए क्लर्क   धीरज भैया से  आकांक्षा ने पूछा ये क्या है भैया ?   धीरज भैया हँसते हुए बोले खुद देख लीजिए मिस  पता नहीं क्या है । आकांक्षा ने रजिस्टर लेकर पढ़ना शुरू किया ।  डियर टीचर्स  प्लीज … Read more

error: Content is protected !!