साजिश – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

माही की रात को बीच में आंँख खुली। उसने देखा मंयक कमरे में नहीं है। इतनी रात को कहां गए होंगे? माही ने पानी का जग उठाया। वह खाली था। वह पानी लेने के लिए रसोई में जाने लगी, उसने देखा सास के कमरे की लाइट जली है। उसे उधर से धीरे-धीरे आपस में बातें … Read more

मां की ममता – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

आज तीन बजे दिशा खाना खा पाई थी, अब उसका समय ज्यादा अहाना के हिसाब से चल रहा था। जब वो खेले, या सोए तब उसका काम होता था।  वह किचन समेट कर सोने ही गयी थी, तो आज उसे गहरी नींद लग गयी, अहाना उसकी तीन महीने की बेटी है, इधर जब वो उठ … Read more

अंधेरे में खिली मुस्कान – ज्योति आहूजा: Moral Stories in Hindi

धनिया रोज़ की तरह काम पर जाने से  पहले बेटी से कहते हुए, “नूरी चिटकनी लगा ले  बेटा।इतने में बेटी हाथ में एक फूल देते हुए कहती है।”मां! आज तू आराम कर।आज तेरा जन्मदिन है ना।आज बर्तन मैं मांज कर आयूंगी तेरे घरो के। अरे!” आज मेरा जन्मदिन है।हैरान होती धनिया ने कहा। हां मां।आधार … Read more

जब तुम मां बनोगी तब पता चलेगा – रेखा जैन : Moral Stories in Hindi

“मम्मी क्यों इतनी चिंता करती हो? मैंने कहा था न रात को दस बजे तक आ जाऊंगी और फिर मेरे साथ नेहा भी है। मैं अकेली नहीं हूं।” नीलम झल्लाए हुए स्वर में अपनी मां रश्मि से बोली। “लेकिन दस बज गए है बेटा और तुम अभी तक निकली भी नहीं हो!” दूसरी तरफ से … Read more

गुड न्यूज – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

पाखी वर्मा परिवार की छोटी बहू| बहुत ही खुश मिजाज और चुलबुली, लेकिन आज पाखी कुछ ज्यादा ही खुश है| सुबह से गुनगुनाए जा रही है| उसे यूँ गुनगुनाते हुए चाय बनाते देख उसकी जेठानी वृंदा ने उसे छेड़ा, “क्या बात है! आज तो लगता है कोई बहुत खुश है| गुड न्यूज़ है क्या?” “हाँ, … Read more

सहारे की आड़ में साजिश – कमलेश राणा  : Moral Stories in Hindi

जानकी तू कितनी सेवा करती है मेरी.. ऐसा लगता है कि उस जन्म के पुण्यों का फल है तू वरना आज के जमाने में तो बिना मतलब के बेटियां भी नहीं पूछतीं.. बड़े अच्छे संस्कार दिए हैं तेरे मां – बाप ने.. भगवान की कृपा से तू दूधों नहाए पूतों फले। जानकी की सास उसे … Read more

जब तुम मां बनोगी तब पता चलेगा – गीता अस्थाना :

मुकेश और उनकी पत्नी महिमा के शादी होने के सत्रह साल बाद पुत्री का आगमन हुआ। गौरवर्णी नन्ही नन्ही काया को देख दम्पति की खुशी का पारावार न रहा। उस नन्हीं नवागत का नाम रखा हिमांशी। मां पिता का प्यार दुलार और अच्छी परवरिश पाकर हिमांशी दस वर्ष की अवस्था को पार कर गई। अभी … Read more

 बेटी..तुम मायके में ससुराल की निंदा कर अपना ही सम्मान कम कर रही हो – गीतू महाजन :

सुषमा जी की बेटी अवंती की शादी को लगभग 4 महीने हो चुके थे।अवंती की शादी एक बहुत अच्छे घराने में उसी शहर में हुई थी।उसके ससुराल में उसके पति आशीष के अलावा उसके सास ससुर कंचन जी और संदीप जी थे और एक छोटी ननद थी दिया..जो अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी।संदीप … Read more

जब तुम मां बनोगी तब पता चलेगा – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

जब तुम मां बनोगी तब पता चलेगा, घर में तो सबसे ऐसा सुनने की आदत ही डाली हुई थी निधि ने लेकिन अब तो दफ्तर में भी यही हो रहा था। निधि ने अपने सारा काम निपटाने के लिए लंच भी नहीं करा था और जब समय पर वह घर जाने के लिए उठी तभी … Read more

कभी न कभी तो पोल खुलती है – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

 बारात आ गई, बारात आ गई”, यह सुनकर मेहमान बारात के स्वागत के लिए होटल के बाहर के गेट की तरफ चल पड़े। वैसे ज्यादा लोग थे भी नहीं। बहुत करीबी 25-30 रिशतेदार या खास दोस्त ही रहे होगें और लड़के वालों की तरफ से तो इतने भी नहीं थे। दस बारह ही थे, बाकी … Read more

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