सपनों का आसमां – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अनिका वनिका दोनों बहनों की शादी एक ही शहर में हुई| दोनों के बच्चे भी सेम स्कूल में पढ़ते थे| अनिका का बेटा लक्ष्य दसवीं में और वनिका की बेटी सुमि आठवीं में|अनिका का घर स्कूल के पास था इसलिए लक्ष्य तो खुद ही घर आ जाता था| जबकि वनिका का घर दूर होने के … Read more

कहावत – काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

भव्या ने देखा – एक नया फ्रेंड रिक्वेस्ट आया है| मोबाइल स्क्रीन पर यह नोटिफिकेशन चमका और चेहरा भी चमकने लगा | आजकल उसकी दुनिया किताबों से ज्यादा मोबाइल में बसती थी | इंस्टा की रील, फेस बुक व्हाट्सअप  नये नये फ्रैंड रिक्वेस्ट  – यही रोज़ का रुटीन था | शुरुआत में तो अच्छा लगा … Read more

दिखावे से परे – ज्योति आहूजा 

मुंबई की एक बड़ी और चमकदार सोसाइटी में राहुल और नेहा रहते थे। शादी को उन्हें दो साल हुए थे। दोनों नौकरीपेशा थे—राहुल एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर और नेहा एक प्राइवेट फर्म में मार्केटिंग प्रोफ़ेशनल। सुबह जल्दी निकलना, दिनभर काम की दौड़ और रात को थके-हारे लौटना उनकी दिनचर्या थी। कई बार तो ऐसा … Read more

झूठ दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सुनील बहुत तेज चिल्ला रहा था आंखें गुस्से में बहुत लाल हो चुकी थी चेहरा उखड़ गया था । तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए थे उन्हें ज्ञात नहीं हो रहा था कि सुनील इतनी जोर-जोर से क्यों चिल्ला रहा है । दूसरी ओर शिखा सुनील कि गुस्से को और बढ़ा रही … Read more

साजिश – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

कभी-कभी मनुष्य भावनाओं में इतना बह जाता है कि अपना करीबी रिश्तेदार  ही  उसके खिलाफ साजिश रचता है और वह उसी को अपना हितैषी समझ बैठता है, परन्तु  जब  वही  व्यक्ति अपनी साजिश से उसे सदा के लिए किसी मरूस्थल के सूखे और प्यासे पेड़ की तरह ठूॅंठ बनाकर चला जाता है,तब उसकी ऑंखें खुलती … Read more

ग्रहण – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“रानो,रानो बहू कहाँ हो? सुनो तो जरा |” विमलादेवी सत्संग से आकर अपनी बहू रानो को खोज रही थी | “यहीं हूँ,माँजी” चाय लेकर आते हुए रानो ने कहा | दोनों चाय पीने लगी | चाय पीते-पीते विमलादेवी ने कहा “रानो परसों सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सूर्य-ग्रहण है | इस बीच … Read more

साज़िश – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वाहहह प्रियंका तुमने तो बहुत बढ़िया साज़िश रच दी ……अपने पियक्कड़ भाई के साथ मानवी की शादी करा दी ……. तुम्हें पता था ना कि तुम्हारा भाई कैसा है ………फिर भी मेरी फूल सी बच्ची मानवी के लिए ………उसका रिश्ता लेकर आ गई ……..रमणी प्रियंका को ताना मार रही थी क्योंकि ……..कुछ देर पहले ही … Read more

बेटियां पराई होकर भी अपनी होती है – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

रमा देवी और कैलाश जी दोपहर बाद घर के सामने बने पार्क में टहलने निकले तभी रमादेवी लड़खड़ाती गिरने ही वाली थी अगर कैलाश जी ने आगे बढ़कर उनको तुरंत थामा न होता। रमा जी बोली इतनी फिसलन है की आज आप ने थामा न होता तो हाथ या पैर में से कुछ टूट ही … Read more

साज़िश – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi 

 रवि और किशन दोनों ही देसाई जी बेटे थे ! मगर दोनों के स्वभाव एक दूसरे के बिल्कुल विपरीत  ! जहां रवि हर छोटी-छोटी बात पर घर हो या बाहर सब पर क्रोध किया करता था और तो और किसी को नीचा दिखाने के लिए वह बुरी  से बुरी साज़िश करने से भी नहीं चूकता … Read more

काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती – सीमा सिंघी  :  Moral Stories in Hindi

 इतने ऑर्डर आए हुए हैं, मगर यह जूली भी न जाने कहां जाकर बैठ गई है। मशीन पर बैठेगी,तभी तो कपड़े सिलाई होंगे। यूं अपने आप तो नहीं तैयार हो जाएंगे ना,मगर मेरी बात सुने तब तो,इसी तरह बडबडाते हुए जूली की ताई जी शीला जी जूली को ढूंढते हुए उसके कमरे तक पहुंच गई।  … Read more

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