वक्त का पहिया – सीमा सिंघी
घड़ी का कांटा नौ पर पहुंच चुका था। रागिनी अपने काम जल्दी-जल्दी निपटाने में लगी हुई थी इसीलिए राज को और दोनों बच्चों को टिफिन देकर विदा किया और खुद भी नाश्ता लेकर बैठ गई और फिर नाश्ते के बर्तन सिंक में डाले और जल्दी-जल्दी हाथ चलाने लगी । रसोई का काम निपटाकर रागिनी ऑफिस … Read more