चकाचौंध – स्नेह ज्योति
रिम झिम बरसात हो रही थी , तभी फोन की घंटी बजी और प्रतीक की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा । इतना ठुकराए जाने के बाद तो उसने आस ही छोड़ दी थी ,पर कहते है ना कि भगवान के घर देर हैं, अंधेर नहीं ।चाहे उसका रंग काला है , पर आज वो खुश … Read more