अधिकार नहीं परिवार (भाग 2) – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  वह अपना काम धाम समाप्त कर अपने कमरे में गई तो देखा उसके पति विशाल के दूसरे वाले मोबाइल पर किसी का कॉल आ रहा था। उसने अनमने ढंग से उसे रिसीव कर लिया। फोन पर उधर से उसकी बड़ी ननद थी। शशि की आवाज सुनते ही वह रोने लगी। … Read more

अधिकार नहीं परिवार – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  “माँ जी आपके लिए चाय लाई हूँ  पी लीजिये।”  शशि चाय की प्याली लेकर सासू माँ के कमरे में घुसते हुए बोली । उसने देखा माँ जी जल्दी- जल्दी अपने आँचल की छोर से आंखें पोंछ रही थीं। उससे रहा नहीं गया उसने पूछ लिया-” माँ जी क्या बात है … Read more

आत्मग्लानि की आंँच – मुकुन्द लाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – एक बाजारनुमा कस्बे में दो भाई अमरेश और मंजीत रहते थे। दोनों भाइयों का संयुक्त परिवार था। बड़ा भाई अमरेश को कपड़े की दुकान थी जबकि छोटा भाई आटा-तेल के मिल में नौकरी करता था। दोनों भाइयों का परिवार पुश्तैनी मकान में ही रहता था।    उनके माता-पिता का निधन … Read more

आत्मग्लानि – संगीता श्रीवास्तव: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – जैसे ही  गायत्री देवी ने कहा, वह गिड़गिड़ाने लगी।”नहीं मालकिन! मैं नहीं चुराए। देख लो, तलाशी ले लो मेरी। मैं बिल्कुल भी झूठ नहीं बोल रही। मैं अपनी बच्ची की कसम खा कर कहती हूं, मुझ पर विश्वास करो मालकिन!”कजरी ने रोते हुए कहा। “अब झूठ बोलने से कोई … Read more

तलाक के पेपर – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – संयुक्त परिवार में रहने वाले मनोहर जी घर के मंझले बेटे थे।बड़े भाई का मसालों का कारोबार था,जिसमें उनका बड़ा बेटा हांथ बंटाता था।उनकी बड़ी बहू और मनोहर बाबू की पत्नी में खूब बनती थी।बड़े भाई की बड़ी बहू की छोटी बहन को मनोहर बाबू की धर्मपत्नी अपने इकलौते … Read more

धूल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – “सत,तुम कहना क्या चाहती हो, मैंने पापा के बाद क्या तुम्हें किसी चीज की कमी होने दी है, जो तुमने चाहा और जितना मुझसे बन पड़ा मैंने तुम्हारे लिए किया…!.. पर अगर तुम ये चाहो कि मैं कल्पना को इस घर में उसका अधिकार भी ना दूं जिसकी वो … Read more

साड़ी- प्रतिमा त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – बहुत मुश्किल से आज रविवार को फुरसत मिली है। सुबह सुबह नाश्ते के समय ही माँ ने हिदायत दे दी थी कि, आज मुझे घर पर ही रहना है। शाम को कहीं चलना है, कहाँ जाना है, ये नहीं बताया। खैर, आज मैं भी आराम करने के मूड में … Read more

आत्मग्लानि – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : -कैंसर की पीड़ा भोग रही रेणुका चौथे स्टेज पर पहुंच गयी है ।डाक्टर ने जवाब दे दिया है ।बेड पर पड़ी पड़ी उब गई है वह ।कहने को अब कुछ भी नहीं बचा है ।सोचते हुए अतीत में पहुंच गयी है रेणुका ।माता पिता की दुलारी तो बहुत थी वह … Read more

आत्मग्लानि – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : भोला झुक्की के बाहर बैठा सुबक रहा था। उसकी बड़ी बहन माया उसके बगल में बैठी उसका सिर सहला रही थी। स्कूल जाने के नाम पर बाबू मारता है और स्कूल में मैडम देखते ही गुस्सा हो जाती हैं। कहकर भोला मुॅंह दबाए निःशब्द रो रहा था। भोला और उसकी … Read more

आप लोगों की इतनी हिम्मत कैसे – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज सुधा अपनी ननद के घर दस सालों के बाद पहुंचने वाली थी।वो बहुत छोटे गांव से थी। उसने बहुत ही मुश्किल बच्चों को पढ़ा लिखा कर नौकरी के काबिल बनाया। उसके बच्चों  ने बाहर रहकर ही उच्च शिक्षा ग्रहण की थी।पर सुधा का रहन- सहन गांव में रहने के … Read more

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