अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 34) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“समधन जी का स्वास्थ्य अब कैसा है बेटा।” विनया के मम्मी पापा घर में प्रवेश करते हुए पूछते हैं और उनके पीछे पीछे ड्राइवर के साथ उनका बेटा बहू कई पैकेट्स हाथ में लिए आते हैं। “आंटी, ये सब क्या है?” संध्या का चरण स्पर्श करता हुआ मनीष पूछता है। “लंच का समय हो रहा … Read more

आने वाला पल जाने वाला है – निशा जैन  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : –  रोहन बेटा आजकल लेट आ रहे हो ऑफिस से ? कई दिनों से बैठे नही मेरे पास आकर रोहन के पिताजी शंभूनाथ जी ने पूछा  हां पापा आजकल  एक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है बस उसी मे लगा रहता हूं। अभी निकल ही रहा हूं बस ।  रोहन … Read more

अपना अपना अधिकार ( भाग 3) – लतिका श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi : आज बिना कहे ही  शालू तुरंत सबके लिए बढ़िया चाय बना कर ले आई थी हां हां पापा और क्या ये भी घर ही है आप लोगों का पर वहां गांव में भी तो देखना तो पड़ेगा ही जरूरी है वहां जाकर देखना …! शालू की बात पर सुनंदा … Read more

मां की साड़ी!! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

मां बहुत ही ग्रेसफुल तरीके से साड़ी पहना करती  थी। उनके गरिमामई व्यक्तित्व की चर्चा सभी ओर थी  मुझे याद नहीं कभी जल्दबाजी में भी वो अच्छे से तैयार ना हुई हों।   बालों का जूड़ा बना कर, साड़ी को सलीके  से पिनअप करके , हाथ में घड़ी लगा कर, जिससे वो अपने काम  करें, विशेष … Read more

अपना अपना अधिकार ( भाग 2) – लतिका श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi : इनका यहां पर ..सारी दिक्कत हो रही हैं मुझे मेरा कमरा इन लोगों को दे दिया था मैंने ये सोच कर कि वैभव के मां पापा हैं यहां आए हैं कोई कष्ट ना हो आराम से रह लें कुछ दिनों बाद तो चले ही जायेंगे लेकिन कुछ ज्यादा ही … Read more

अपना अपना अधिकार – लतिका श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi : राघव जी मंदिर की सीढ़ी चढ़ते चढ़ते हांफने लग गए तो थोड़ी देर के लिए बैठ गए बस हो गई हिम्मत खत्म अरे क्यों इतनी कठिन मनौती मान लेते हो जब पूरी करनी इतनी कठिन हो सुनंदा ने भी साथ में ही बैठते हुए टोक दिया था अरी बावरी … Read more

अधिकार नहीं परिवार (भाग 2) – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  वह अपना काम धाम समाप्त कर अपने कमरे में गई तो देखा उसके पति विशाल के दूसरे वाले मोबाइल पर किसी का कॉल आ रहा था। उसने अनमने ढंग से उसे रिसीव कर लिया। फोन पर उधर से उसकी बड़ी ननद थी। शशि की आवाज सुनते ही वह रोने लगी। … Read more

अधिकार नहीं परिवार – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  “माँ जी आपके लिए चाय लाई हूँ  पी लीजिये।”  शशि चाय की प्याली लेकर सासू माँ के कमरे में घुसते हुए बोली । उसने देखा माँ जी जल्दी- जल्दी अपने आँचल की छोर से आंखें पोंछ रही थीं। उससे रहा नहीं गया उसने पूछ लिया-” माँ जी क्या बात है … Read more

आत्मग्लानि की आंँच – मुकुन्द लाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – एक बाजारनुमा कस्बे में दो भाई अमरेश और मंजीत रहते थे। दोनों भाइयों का संयुक्त परिवार था। बड़ा भाई अमरेश को कपड़े की दुकान थी जबकि छोटा भाई आटा-तेल के मिल में नौकरी करता था। दोनों भाइयों का परिवार पुश्तैनी मकान में ही रहता था।    उनके माता-पिता का निधन … Read more

आत्मग्लानि – संगीता श्रीवास्तव: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – जैसे ही  गायत्री देवी ने कहा, वह गिड़गिड़ाने लगी।”नहीं मालकिन! मैं नहीं चुराए। देख लो, तलाशी ले लो मेरी। मैं बिल्कुल भी झूठ नहीं बोल रही। मैं अपनी बच्ची की कसम खा कर कहती हूं, मुझ पर विश्वास करो मालकिन!”कजरी ने रोते हुए कहा। “अब झूठ बोलने से कोई … Read more

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