गृहप्रवेश (भाग 4) – मंजरी त्रिपाठी

नताशा और मिहिर अपनी नई गृहस्थी में प्रसन्न थे।और अब तो नताशा कतई चिंतामुक्त थी।उसे अब कोई भय नहीं था मिहिर की तरफ से,वो अपनी माँ को भी सारा घटनाचक्र बताती रहती है और उनके दिशानिर्देश पर चलते हुये ही मिहिर के साथ अपनी नई और अलग गृहस्थी बनाने में सफल हो पाई थी। उधर … Read more

गृहप्रवेश (भाग 3) – मंजरी त्रिपाठी

आज नताशा मिहिर और माधव को गये दो दिन हो गये।जानकी जी कई बार दौनो के कमरे में जाती और सूना कमरा देख कर सीने पे हाथ रखे बाहर आ जातीं।जगदीश जी से उनकी हालत नहीं देखी जाती।वो बार बार समझाते कि देखो जानकी चिड़िया और चिड़ा बहुत मेहनत और लगन से घौंसला बनाते हैं … Read more

गृहप्रवेश (भाग 2) – मंजरी त्रिपाठी

अब बहुत हो गया,अब मेरा इस घर में गुजारा मुश्किल है।आप मुझे एक कमरा लेकर दे दो मैं रह लूंगी पर अब इस घर में नहीं रह सकती,लगभग झुंझलाते हुये नताशा मिहिर से बोली। अभी तीन वर्ष पहले ही इस घर में दुल्हन बन कर आई नताशा एक बेटे की माँ बन चुकी थी,पति मिहिर … Read more

गृहप्रवेश (भाग 1) – मंजरी त्रिपाठी

अब बहुत हो गया,अब मेरा इस घर में गुजारा मुश्किल है।आप मुझे एक कमरा लेकर दे दो मैं रह लूंगी पर अब इस घर में नहीं रह सकती,लगभग झुंझलाते हुये नताशा मिहिर से बोली। अभी तीन वर्ष पहले ही इस घर में दुल्हन बन कर आई नताशा एक बेटे की माँ बन चुकी थी,पति मिहिर … Read more

रिक्त स्थान (भाग 30) – गरिमा जैन

हेलो रेखा ,तुम्हारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है  ।अपना व्हाट्सएप खोल कर देखो ।” रेखा जल्दी से व्हाट्सएप खोलती है। व्हाट्सएप की फोटो देखकर वह उछल पड़ती है। उसका पासपोर्ट बन गया था और वीजा अप्रूव हो गया था । उसकी हंसी सुनके जितेंद्र को ऐसा लगता है जैसे जिंदगी में उसने सब कुछ पा … Read more

रिक्त स्थान (भाग 29) – गरिमा जैन

हेलो रेखा ,तुम्हारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है  ।अपना व्हाट्सएप खोल कर देखो ।” रेखा जल्दी से व्हाट्सएप खोलती है। व्हाट्सएप की फोटो देखकर वह उछल पड़ती है। उसका पासपोर्ट बन गया था और वीजा अप्रूव हो गया था । उसकी हंसी सुनके जितेंद्र को ऐसा लगता है जैसे जिंदगी में उसने सब कुछ पा … Read more

रिक्त स्थान (भाग 28) – गरिमा जैन

जितेंद्र की मां सुकून से ना जाने कितने समय के बाद आज अपने कमरे में बैठी हैं। रेखा जैसी बहू पाकर उनकी जिंदगी की सारी मुश्किलें जैसे हल हो गई। जितेंद्र ना जाने कितने सालों के बाद इतना खुश दिखाई दे रहा है ।अब उन्हें जितेंद्र की कोई चिंता नहीं। रेखा जैसी सुलझी लड़की को … Read more

रिक्त स्थान (भाग 27) – गरिमा जैन

आखिर वह पल आ गया जिस पल का इंतजार हर प्रेमी युगल करता है ।प्यार के वह पल जब दोनों एक दूसरे से दिल की बात कर सके ,मन से जैसे एक बोझ उतर जाता है। विवाह का पवित्र बंधन प्रेम का साक्ष्य प्रतीक बन जाता है ।जीतेंद्र रेखा से कहता है ” रेखा आज … Read more

रिक्त स्थान (भाग 26) – गरिमा जैन

जिंदगी से काले बादल धीरे-धीरे छटने लगे हैं आज रेखा और जितेंद्र विवाह के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। रेखा के चेहरे पर नूर है ऐसा नूर जो सच्चे प्यार से ही चेहरे पर आता है ।मुस्कुराहट उसके चेहरे से हटती ही नहीं। रेखा की मां सारे इंतजाम देखने में व्यस्त है ।इतने बड़े घराने … Read more

पुनर्मिलन (भाग 2) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : ये सब उसका दिल दुखा जाता। जब पानी सर से ऊपर जाने लगा तब उसने अपने पति से इस बारें में बात की। पति से भी बात उसने बहुत संभलकर की क्योंकि कोई भी बेटा अपनी मां के खिलाफ़ कुछ नहीं सुन सकता। जब उसने अपनी समस्या पति के सामने … Read more

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