सिर्फ पत्नी हो गृहस्वामिनी नहीं (भाग 1) – रश्मि प्रकाश

“ कितनी बार कहा है तुमसे इस घर के मामलों से दूर ही रहो… जब देखो तब अपनी नाक हमारे मामलों में घुसेड़ती रहती हो… अपना दिमाग़ मत चलाया करो…. बेकार का झमेला करना कोई तुमसे सीखें..।” ग़ुस्से में नितिन प्रिया  पर चिल्ला रहा था … ऐसे शब्द सुनकर नंदनी का खून खौल गया…जो आज … Read more

“प्रतिरोध” ( भाग 2)- डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

बुआ बनारसी साड़ी पहनकर माथे पर आँचल डाले बाहर निकली। ये बनारसी साड़ी की भी एक कथा है । बुआ जब विदा होकर ससुराल आई थी तब मैके वाले ने अपने हैसियत से ढेरों साड़ियां दी थीं पर उसमें बनारसी साड़ी नहीं थीं। दुल्हन को साधारण चुनरी में देख बुआ के सास ससुर भड़क गए। … Read more

“प्रतिरोध” ( भाग 1)- डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

मानसी बुआ आज बहुत खुश थीं। चंदेरी साड़ी और बालों में गजरा लगाए वह पूरे हवेली में चक्कर लगा रही थीं। खुश होने का कारण भी था उनके बेटे की शादी जो तय हो गई थी। सगुन का दिन आज के लिए ही निकल आया था। लड़की वाले पंहुचने वाले थे।  इतने सालों के बाद … Read more

अपनों का एहसान कैसा यह तो मेरा फर्ज था – कामिनी मिश्रा कनक : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : इस उम्र में हम दोनों तेरे ऊपर बोझ बन गए , हमें माफ कर देना  बेटा , तेरी काकी की वजह से मैं लाचार हो गया था। तुम चिंता मत करो मैं काकी को लेकर यहां से चला जाऊंगा ।  अब बहुत दिन हम दोनों आराम कर लिए , गांव … Read more

समय बलवान है – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : आसमान में गरजते बादलों को देख गोमती समझ गई कि इंद्र देवता कभी भी अपनी कृपा बरसा सकते हैं तो उसने चंपा और जमुना को कहा कि वे जल्दी-जल्दी हाथ चलाकर फ़सलों की कटाई पूरी कर ले और खुद भी तेजी-से हंसिया चलाने लगी तभी उसने देखा कि उसका पड़ोसी … Read more

जुनून बना पहचान – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  ‘‘माँ इस बार बारहवीं बोर्ड के बाद मुझे नया मोबाइल दिला दोगी?‘‘ कुशल ने अपनी माँ पूछा ‘‘ अरे हर साल क्या मोबाइल ही बदलते रहोगे? अभी नहीं बाद में देखेंगे।‘‘ कहकर गार्गी बेटे को मना कर दी जब रिजल्ट आया तो कुशल के अच्छे नम्बर और रैंक देख पापा … Read more

अपनी पहचान (भाग 2 ) – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : “ओहहह!! दादी फिर से वो ही बात, ये पेंटिंग ही तो मेरी पहचान है, मुझे कितने पुरस्कार, मेडल और ट्राफियां मिली है, अगर खाना बनाने में समय बर्बाद करती तो ये सब नहीं कर पाती।” तभी नेहा जी डांटती है, “मिताली अपनी दादी से ऐसे बात करते हैं, इनसे माफी … Read more

अपनी पहचान (भाग 1) – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : मिताली ये क्या कर रही हो? पूरा कमरा बिखरा है, इधर-उधर कलर फैला हुआ है, किसी का ढक्कन खुला है तो किसी पेंसिल कलर का छिलका उड़ रहा है, कहीं  पर ब्रश पड़ा  है, देख चादर पर भी रंगों के दाग लग गए हैं, कमरे की हालत ही खराब कर … Read more

आख़िरी वादा – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ चलो अब थोड़ा आराम कर लो…देख रही हूँ कितने दिन से तुम ना ठीक से सोये हो ना खाए हो…अभी आराम कर लो फिर उठ कर खाना खा लेना ।”सुनयना ने पति योगेश से कहा  “ हाँ अब जाकर मुझे चैन की नींद आएगी… ऐसा लग रहा मैं गंगा नहा आया…अब तो बस आराम … Read more

मेरी पहचान घर के काम से है ( भाग 2) -निशा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : पर आज पार्टी के लिए सुबोध के दोस्तों ने बहुत जोर देकर कहा कि यार एक बार तो भाभी से मुलाकात, जान पहचान कराओ या बस उनके हाथ का खाना खिलाकर ही पेट भरता रहेगा या फिर हम उनसे मिलने लायक ही नहीं….. नही यार ऐसा कुछ नही, सुहाना को … Read more

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