समय का फेर – संगीता त्रिपाठी : Moral stories in hindi
सुबह -सुबह फोन की घंटी बजी, उमा जी घबरा गई, इस समय किसका फोन आ सकता हैं, अभी तो पांच ही बजे हैं। फोन पर सना की आवाज सुन उमा और घबरा गई “सब ठीक हैं सना,उधर से सना की रूहासी आवाज उनको विचलित कर दे रही थी “क्या, तेरे सास -ससुर हमेशा के लिये … Read more