कुछ बड़े ऐसे भी होते है … – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

क्या पापा… सुबह सुबह खटर पटर की आवाज लगा रखी है स्टोर  रूम में..??? रात के चार बज रहे है ….. सबकी नींद खराब कर दी….. कर क्या कर रहे है आप यहां ?? बतायेंगे…. ?? झल्लाता हुआ बेटा राजीव अपने पिता कैलाशजी से बोला….. जिनकी उमर यही कोई 75 वर्ष के आस पास रही … Read more

साथ की जरूरत…रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

बच्चे दरवाजे पर आज तीन दिनों से… सुबह शाम नजर गड़ाए हुए थे…कब आएंगे अंकल… गोलू बोला… “लगता है आज भी नहीं आएंगे अंकल…!” ” नहीं ऐसा मत बोलो… अंकल जरूर आएंगे…! गुड़िया बोल पड़ी…  अचानक से एक बच्चा चीखा…” वह देखो अंकल की कार…!”  सारे बच्चे उधर ही दौड़े… हां यह तो अंकल की … Read more

जब जागो तभी सवेरा – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

सत्रह वर्षीया रिया ने पुलक कर स्मिता के गले में बाहें डालकर कहा,”- पता है दीदी… आप मेरे साथ मेरे कमरे में रहोगी। माँ ने आपके रहने का प्रबंध मेरे ही कमरे में करवाया है। कितना मजा आएगा ना। हम दोनों देर रात तक खूब सारी बातें करेंगे!”                   उसकी मासूमियत पर मुस्कुरा पड़ी स्मिता और … Read more

मैं किसी के पचड़े में नहीं पड़ती –  करुणा मलिक : Moral stories in hindi

भाभी, प्लीज़ माँ से बात करो ना कुमुद के बारे में ।  तुम तो जानते ही हो माँ का स्वभाव समीर …. एक तो अनाथ  ऊपर से गरीब , …. माँ बिल्कुल भी नहीं मानेंगी ।  भाभी, आपका ही सहारा है…. करो ना कुछ । भैया को तो बताओ….. फिर माँ से भी बात करने … Read more

ऐसी थी दादी अम्मा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

अरे मनीषा इन कमजलीयों के  लिए क्या जरुरत थी नये कपडे लाने की पुराने ही धोकर  पहना देती। मेरे राजा बेटे के लिए एक ही जोडी लाई उसके एक-दो जोडी और ले आती।  यह सुनकर मनीषा जी का मन आहत हो गया। दीवाली जैसे त्यौहार पर भी कोई अपने बच्चों को कोसता है क्या । … Read more

बाबू का फैसला –  बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

   बाबू गर ये चार महीने की बच्ची न होती ना,कसम भगवान की आज तुम मुझे जिंदा न देखते।वैसे भी मैं तो अंदर से मर ही गयी हूँ।       ऐसा क्यों बोल रही हो शब्बो?बताओ तो हुआ क्या है? किसी ने कुछ कहा है?          खेती मजदूर बाबू अपनी पत्नी शब्बो और पिता धीरू के साथ मुजफ्फरनगर के … Read more

इम्तिहान ही तो है – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नालायक.. यह सिला दिया तूने पूरे साल भर की मेहनत का… हम तो आज तक यह सोचते रहे कि तू कमरा बंद करके अपनी पढ़ाई कर रहा है, और तू हमारी आंखों में धूल झोंक रहा था! यह देख तेरे नंबर… दसवीं बोर्ड में 65% आए हैं, कैसे करेगा अपने डॉक्टर बनने का सपना पूरा, … Read more

रंगो की आड़ में.. – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

“ भाभी रसोई से निकलो और बाहर चलो ना… देखो सब रंग खेलने आए हुए हैं आप बाहर नहीं जाएगी तो वो रसोई में आ जाएँगे फिर माँ नाराज़ अलग होगी और हमारी मेहनत डबल… प्लीज़ भाभी चलो ना..।” अपनी भाभी कौशांबी से मनुहार करती तृप्ति कहे जा रही थी  “ आप देख रही है … Read more

गुनाह – बीना शर्मा: Moral stories in hindi

सरला बार-बार घड़ी की तरफ देख रही थी उसके पति के खाने का टाइम हो गया था परंतु ,फिर भी अपनी बहू मधु की वजह से सरला का रसोई में जाने को मन नहीं कर रहा था वह जब भी अपने बीमार पति के लिए रसोई में खाना बनाने जाती तो मधु उसे देख कर … Read more

गुलाल – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

    स्व.विद्यासागर जी का परिवार अपने नगर में प्रतिष्ठित माना जाता था।उनके दो बेटे थे महेंद्र बड़े और सुरेंद्र छोटे।विद्यासागर जी का अपना अच्छा भला व्यापारिक साम्राज्य उनके अंतिम दिनों में ही ध्वस्त हो गया था।बुढ़ापे में स्वयं संभाल नही सकते थे और बेटो की रुचि व्यापार में थी नही।बेबस से विद्यासागर जी दुनिया से यूँ … Read more

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