पहले आप नहीं पहले मैं – रश्मि प्रकाश   : Moral stories in hindi

आज अपने दादा जी की पुण्यतिथि पर मैं फिर से पुरानी बातों के घेरे में खुद को जकड़ने से रोक नहीं पाई साल दर साल यूँ ही गुजरते चले जा रहे हैं पर नहीं भूले जाते तो वो सारे पल जिसने पल भर में अपनों की असली पहचान करवा दी। कितना वक्त गुजर गया है … Read more

रेत से भरे रिश्ते – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय   : Moral stories in hindi

“यह दुनिया है माया का फेरा…यहां न सुबहा ना शाम का डेरा…!” अंजली अपनी आँखों में आँसू लिए बैठी खुद को कोस रही थी। कितनी बेरहम है दुनिया…कोई किसी का नहीं होता…!. अब क्या करे वह  ..किसी को बताएगी तो कोई यकीन भी नहीं करेगा…फिर बेवकूफी भी तो उसी ने की थी। साहिल से तो … Read more

फ़िरंगी बहू! – प्रियंका सक्सेना  : Moral stories in hindi

सोहनलाल हलवाई की  दुकान पर जाकर रामप्रसाद जी ने कहा,” सोहनलाल भाई एक किलो कलाकंद, आधा किलो काजू कतली और एक किलो रसगुल्ला तोल दो। “ “रामप्रसाद जी नमस्कार ! बहुत दिनों बाद दर्शन दिए। अभी देता हूँ और नमकीन में क्या बांध दूँ ? आज ही मारवाड़ी नमकीन में ड्राई फ्रूट्स वाली, कुछ-कुछ और … Read more

दहेज – शुभ्रा बनर्जी: Moral stories in hindi

शिप्रा अपनी ननद की बेटी की शादी में आई थी।इकलौती मामी थी वह रिमझिम की।शिप्रा के बेटे से चार महीने छोटी थी रिमझिम।जन्म के बाद ननद की तबीयत खराब हो गई थी,तो शिप्रा ने अपना दूध पिलाया था उसे।सास हमेशा कहतीं”तुमने दूध पिलाया है ना,इसलिए ममता ज्यादा है।”पता नहीं ,पर सच तो यही था कि … Read more

यादगार विदाई…अर्चना सिंह : Moral stories in hindi

घर मे चारों ओर उत्सव का माहौल था । बेला, गुलाब , जूही के फूलों की लड़ियों से पूरा घर खुशबू से भरा हुआ था  और ऊपर से पकवानों की खुशबू अलग पूरे घर में फैली हुई थी । रिया की शादी थी आज । वो खूबसूरत जोड़े में तैयार बहुत सुंदर लग रही थी … Read more

मेरी बेटियों तनाव का नहीं खुशी का कारण है – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

‘अरे! क्या हुआ? घर में इतना तनाव क्यों है? मुकेश को आश्चर्य हो रहा था, सभी लोगों के सिर पर तनाव की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी। “तुझे कबसे फोन लगा रही हूं, तेरा फोन बंद आ रहा है, ऊषा जी ने अपने बेटे से कहा तो मुकेश ने अपना फोन चेक किया, हां, … Read more

ससुराल का अपमान नहीं सह सकती – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

 ” नहीं माँ…अब मैं यहाँ एक पल भी नहीं रुकूँगी…जहाँ मेरे परिवार का अपमान हो..वहाँ का पानी पीना भी मेरे लिये हराम है..।” कहते हुए रचना बैग में अपने कपड़े रखने लगी।     ” लेकिन बेटा…तुझे भी तो भाभी की बहन के लिये वो सब नहीं कहना चाहिये था।” शकुंतला जी बेटी को समझाते हुए बोली। … Read more

जीवन संघर्ष ही तो है – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

कोई कोई लोग दुनिया में शायद संघर्ष करने के लिए ही पैदा होते हैं और दुनिया में परीक्षा देते देते ही अपना सारा जीवन काट देते हैं ,ऐसा ही कुछ वन्दना के साथ घटित हुआ था। कितने अरमानों से शादी की थी वंदना नेअपने इकलौते बेटे राघव की । शादी के बाद वंदना को लगा … Read more

जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं! – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सोहम और प्रिया की लव मैरिज हुई थी,शुरू में सोहम के घरवाले इसके खिलाफ थे पर जब सोहम ने उनसे सीधे सीधे जंग छेड़ दी तो मजबूरी में उन्हें प्रिया को अपनाना पड़ा। दरअसल प्रिया कॉल सेंटर में जॉब करने वाली एक मॉडर्न,खूबसूरत लड़की थी,वो अलग बात है कि वो संस्कारी भी थी पर जॉब … Read more

दृष्टि की कुदृष्टि – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

   उस दिन सुबह में सोमेश के घर कोहराम मचा हुआ था। उसकी पत्नी घर से गायब थी।     सुबह में जब सोमेश की आंँखें खुली तो करवट बदलने पर उसने देखा कि उसकी नवोढ़ा पत्नी बिस्तर पर नही है। पहले तो उसने समझा कि हो सकता है बाथरूम वगैरह गई होगी।  किन्तु कुछ देर के बाद … Read more

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