बहू की समझदारी – अंजना ठाकुर  : Moral stories in hindi

जया सुबह से घर साफ करने मैं लगी थी अब बस खाना बनाना रह गया था ।आज उसकी सास शांति जी आ रही थी । जया के पति विराज ऑफिस से लेने जायेंगे । जया एक एक बात का ध्यान रख रही थी क्योंकि उस की सास की आदत थी हर काम मै कमी निकालना … Read more

संस्कार केंद्र –  बालेश्वर गुप्ता   : Moral stories in hindi

 बाल कृष्ण जी रिटायर्ड आईएएस हैं, निवृत होने पर उन्होंने नोयडा  में रहने को प्राथमिकता दी।उनका एक मात्र बेटा साहिल नोयडा के ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ रहा था।नोयडा में अपना निवास रखने के पीछे एक कारण तो अपने बेटे की पढ़ाई का था,दूसरे नोयडा में दिल्ली जैसी घिचपिच नही थी जबकि सुविधाये सब … Read more

तपस्या का फल -पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

तुमने अपने साथ लंदन जाने की बहू की टिकट क्यों बुक नहीं कराई आखिर दिक्कत क्या है तुम्हें उसे अपने साथ ले जाने में ,वह तुम्हारे बिना अकेली हो जाएगी। मनीष के पापा मनोज जी बोले। पापा कल ही कंपनी से मेल आया था मुझे परसों की मीटिंग अटेंड करनी है इसलिए मेरा जाना जरूरी … Read more

जिंदगी फिर से गुनगुना दी – डॉ  संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सीमा जी की आँखें गीली हो उठीं जब उन्होंने अपने बहु बेटों का इतना प्यार देखा।कितनी देर से दोनों को कह रही थीं कि जाओ ,अब तुम दोनों आराम करो अपने कमरे में जाकर पर नन्हे बच्चों की तरह उनके इर्द गिर्द बैठ दोनों ही उनकी सेवा में लगे थे। आज सुबह से हल्का सा … Read more

पापा गुडबाय मत बोलो ना – सुषमा यादव   : Moral stories in hindi

मैं मेडिकल कॉलेज मैसूर से एम बी बी एस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। कुछ दिनों से मेरी रीढ़ की हड्डी में बहुत दर्द हो रहा था। मैंने अपनी मम्मी को बताया तो मम्मी और दीदी तुरंत ही दिल्ली से फ्लाइट में आ गईं। पापा को अवकाश नहीं मिला था। मम्मी और दीदी … Read more

सोच को बदलने की जरूरत है – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय   : Moral stories in hindi

“आयुष यह तुम क्या कह रहे हो…अब तुमने अपने लिए लड़की भी पसंद कर लिया… तुम्हें इस घर की अपनी खानदान की इज्जत बिल्कुल भी नहीं है क्या?? तुम्हारे इस कदम से तुम्हारे दादा-दादी और बड़े पापा और बड़ी मम्मी पर क्या असर पड़ेगा यह तुमने सोचा है और तुम्हारे भाई बहनों पर….!!!  बिल्कुल भी … Read more

रंग रूप का अंतर – माधुरी गुप्ता  : Moral stories in hindi

इला व रोज़ी देवरानी जिठानी थी।दोनों सेठ मंगलदास की बहुएँ थी। रोज़ी का रंग एकदम गोरा चिट्टा था,बहीं इला साँवली सलोनी थी।रोज़ी का रंग भले ही गोरा था ,लेकिन उसके फ़ीचर्स एकदम बेकार थे। परंतु रोज़ी को अपने रूप रंग पर बहुत गुमान था ।उसको लगता मैं तोड़ो भी पहन लूँ मुझ पर अच्छा ही … Read more

पुष्पा का तनाव – सुभद्रा प्रसाद : Moral stories in hindi

 छह महीने से शुभम घर नहीं आया था | माँ पुष्पा देवी बहुत तनाव में  थी | शुभम उनकी इकलौती संतान था | बहुत ही होनहार, आज्ञाकारी और संस्कारी था | पढाई में तेज होने के साथ-साथ संस्कार और व्यवहार में भी अच्छा था | सभी के साथ उचित व्यवहार करता था | अपनी पढाई … Read more

छोटा मुंह बड़ी बात – कान्ता नागी : Moral Stories in Hindi

शशि बैंक मैनेजर था।उसकी शादी हुए कुछ ही दिन हुए थे कि उसका तबादला जमशेदपुर हो गया। सोमवार को उसे ड्यूटी ज्वाइन करनी थी इसलिए वह अकेले ही वहां चला गया और मां शांति जी से कहा कि शह सारा इंतजाम करके आएगा और अपनी मां शांति देवी और पत्नी राधा को ले जाएगा। सारा … Read more

पहले आप नहीं पहले मैं – रश्मि प्रकाश   : Moral stories in hindi

आज अपने दादा जी की पुण्यतिथि पर मैं फिर से पुरानी बातों के घेरे में खुद को जकड़ने से रोक नहीं पाई साल दर साल यूँ ही गुजरते चले जा रहे हैं पर नहीं भूले जाते तो वो सारे पल जिसने पल भर में अपनों की असली पहचान करवा दी। कितना वक्त गुजर गया है … Read more

error: Content is protected !!