स्वाभिमान – मनीषा भरतीया : Moral Stories in Hindi

बाबूजी बाबूजी मुझे भी भाई की तरह एक साइकिल दिला दो ना क्योंकि हमारे गांव में तो कक्षा 10 तक ही स्कूल है…मुझे आगे पढ़ने के लिए हमारे गांव से 5 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ेगा…. हां हां लाडो मुझे याद है मैं कल ही तेरी साइकिल की व्यवस्था करता हूं….. तभी रानों की दादी … Read more

पिया का घर अपना लगे – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आखिर कनक की खोज पूरी हो गई, महिका उसे पहली नजर में पसंद आ गई।सबसे बड़ी बात शादी उसी शहर में तय हुई जहाँ कनक रहती थी।बेटे कनिष्क ने भी अपनी पसंदगी की मुहर लगा दी। नियत समय पर कनिष्क और महिका की शादी हो गई। कनक ने बड़े अरमानों से बहू की आरती कर … Read more

रीयूनियन मीट – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जैसे ही निधि ऑफिस पहुंची,उसने देखा उसके केबिन की टेबिल पर एक गुलावी लिफाफा रखा है साथ ही बड़ी सी चॉकलेट भी,एक कार्ड पर छोटा सा कैप्सन लिखा नजर आया‘‘ इस खुशी के मौके पर कुछ मीठा हो जाए,, निधि ने उत्सुकता कि लिफाफा जैसे ही खोला, पीछे से वॉस कीआबाज सुनाई पड़ीं, बधाई हो … Read more

सासु माँ ये साड़ियाँ तो आपकी हैं ना – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ सुनती हो चंदा के ससुराल से कुछ लोग आ रहे हैं, अब वो आएँगे तो जाते वक़्त विदाई भी तो देनी पड़ेगी… लाओ देखो कितने पैसे बचे हैं जाकर कुछ ले आता हूँ ।” मनोहर लाल ने पत्नी सरला से कहा “ इतने पैसे कहाँ से आएँगे जी…अभी महीना भर पहले तो ब्याह किया … Read more

वरदान – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    अरे बबुआ कब तक यूँ ही निट्ठल्ला  पड़ा रहेगा।घर से निकल, जा कही कोई  नौकरी वोकरी ढूंढ।      मैं क्या करूँ बापू?सब जगह दरख्वास्त भेज रहा हूं, पर नौकरी मिलना तो दूर,कोई इंटरव्यू को भी नही बुला रहा।        तो बबुआ एक काम कर तू नोयडा चला जा।वहां छीलेरा गावँ में तेरा चाचा रहवै है, वो तुझे  … Read more

कलंक – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

वह बहुत तेजी से भागी जा रही थी ।और मै उसके पीछे-पीछे थी।आखिर मैंने उसे पकड़ लिया ” कान्ता तुम?” उसने मुझे पहचान लिया था।और मुझे कसकर पकड़ लिया ।” हाँ दीदी ” ।मै नदी किनारे टहल रही थी ।नदी किनारे टहलना मेरे लिए खास है ।मुझे बहुत अच्छा लगता है नदी, पहाड़ और झरना … Read more

महिला कभी रिटायर नहीं होती – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

प्रशांत जी का ‘अगले माह रिटायरमेंट था सो एक छुट्टी बाले दिन वे सुबह चाय पी रहे थे तो पत्नी माधवी से बोले सुनो माधवी अगले माह मैं रिटायर हो जाऊंगा सो मैंने एक अपना रुटीन प्लान सोचा है कि कैसे  अपनी  दिनचर्या बनाऊंगा ।अब ऑफिस जाने का तो कोई ताम -झाम रहेगा नहीं सो … Read more

मखाने की खीर – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    माधुरी ने मखाने की खीर बनाई थी।पति को परोस कर एक कटोरी खीर लेकर बेटी के कमरे में गई और दरवाज़ा बंद कर उसकी तस्वीर के सामने रख कर रो पड़ी।रोते-रोते बोली,” तू कहाँ चली गई मेरी बच्ची…तुझे देखने के लिये मेरी आँखें तरस गई है। तेरे पापा तो कठोर बन गये लेकिन मैं क्या … Read more

एक दूजे बिन अधूरे – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ क्या देख रही हो काव्या?” दूर किसी जोड़े को देखकर मन ही मन मुस्कुराती काव्या को ऐसे देख रमन ने पूछा “ देखो ना रमन  वो कपल कितने प्यार से एक दूसरे का हाथ थामे बैठा है और उपर आसमान में उड़ते बैलून , पैराग्लाइडिंग ये सब देख कर उसकी पत्नी बहुत खुश हो … Read more

दिल पर कोई ज़ोर चलता नहीं – भावना पंवार : Moral Stories in Hindi

मेरे मोहल्लें में मेरा और रवि का घर आपने सामने था।हम दोनों के परिवार में आपसी भाईचारा का नामों निशान तक नहीं था। मैं मुस्लिम परिवार से और वो हिंदू परिवार से। हालाँकि मेरे घर वालों को उनसे कोई दिक़्क़त नहीं थी पर रवि के घर वालों को मेरे परिवार से यही दिक़्क़त थी कि … Read more

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