नये जीवन की शुरुआत – पुष्पा जोशी Moral Stories in Hindi

रंजन एक समृद्ध परिवार का खूबसूरत पढ़ा लिखा लड़का था। अभी सात माह पूर्व एक कंपनी में उसकी बढ़िया नौकरी लग गई। माँ की इच्छा थी कि अब जल्दी से बहू घर पर आ जाए। बहुत अच्छे घरों से उसके लिए रिश्ते आ रहै थे। कुछ लड़कियाँ तो पढ़ी लिखी होने के साथ बेहद खूबसूरत … Read more

रिश्तो की डोरी टूटे ना – पूजा शर्मा Moral Stories in Hindi

मम्मी , दादी आपको कितना डांटती हैं आप कुछ क्यों नहीं कहती जितना जो सुनता है उसे उतना ही दबाया जाता है, मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता इतना करते-करते भी आपको ही सुनाती हैं शुगर की वजह से आप उन्हें फीकी चाय देती हो फिर बच्चों की तरह मीठी चाय पीने को क्यों जिद करती … Read more

मायके आने पर सवाल क्यों….? – रश्मि प्रकाश Moral Stories in Hindi

“ राशि तुम्हें नहीं लगता ये नीति इतना मायके आती रहती है और मम्मी जी हमें तो मायके कभी जाने नहीं देती….।”जेठानी रति ने राशि से कहा ” हाँ भाभी सही कह रही हो आप ….पर नीति को तो हम मना कर नहीं सकते आख़िर इस घर की इकलौती बेटी जो  है…. उपर से मम्मी … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -10 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

“रात भर में रोहित ने तुम सब के बारे में इतना बता दिया कि लगता ही नहीं कि यह हमारी पहली मुलाकात है। उनकी बातों में एक अजनबी क़ी नहीं, बल्कि एक पुराने दोस्त से मिलने क़ी चाहत दिख रही थी औऱ तुम्हारे हाथ के खाना के बारे में रोहित ने बताया कि किसी फाइव … Read more

लोगो का तो काम ही है बाते बनाना – रीतू गुप्ता Moral Stories in Hindi

मीरा के रेस्टोरेंट का आज इनोग्रेशन था, जिसका रिबन उसकी सासु माँ .. पोती वृंदा, राजू की पत्नी सरिता और बेटी सिया के साथ मिलकर काट रही थी। साथ में पोता अनुज और मीरा और राजु भी खड़े थे।  आज दादी की आँखों में आंसू थे .. दादी … वृंदा यह सब तेरी वजह से … Read more

बदलते परिदृश्य – लतिका श्रीवास्तव Moral Stories in Hindi

एकदम जल्दी जल्दी से अपना आधार कार्ड और  हवाई टिकट्स काउंटर पर दिखाने के लिए निकालती विधि का पर्स बनाम बैग हड़बड़ी में नीचे जमीन पर गिर गया।फुर्ती से उसे उठाने के लिए झुकी ही थी कि फर्श पर पानी बहता हुआ आया और पर्स उठाते  उठाते भी गीला हो गया…!एयरपोर्ट का हाल रेलवे स्टेशन … Read more

कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है – संध्या त्रिपाठी Moral Stories in Hindi

 क्या बात है मैडम… आजकल आप अपने में खोई रहती हैं कहीं पुरानी यादों के बहाने हमें भुलाया तो नहीं जा रहा है ना …. ? आरव ने छेड़ते हुए पत्नी आकृति से कहा ….! आकृति ने मुस्कुराते हुए कहा ….जानते हो आरव…. कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है…..!        हाँ हाँ बोलो आकृति…ऐसा कौन … Read more

डाक्टर प्याऊ – देवेंद्र कुमार Moral Stories in Hindi

मोड़ पर एक पेड़ के नीचे श्यामदास आने जाने वालों को पानी पिलाया करता था। एक पेड़ के इर्द गिर्द रेत फैलाकर मटके रखे हुए थे। वहीं पास में एक चने वाला बैठता था। चने वाला अक्सर ही श्यामदास से कहता था- ‘‘भैया, तुम्हारी प्याऊ के कारण ही मेरा काम भी चल जाता है।’’ सुनकर … Read more

रोटी ने कहा – देवेंद्र कुमार Moral Stories in Hindi

ढाबे में सुबह से आधी रात तक हाड़ तोड़ मेहनत करते हुए भोलू लगातार एक ही बात सोचता रहता है-आखिर मालिक रामदीन उसी पर इतना गुस्सा क्यों करता है। भोलू को उसका चाचा रामदीन के पास छोड़ गया था। भोलू की माँ गाँव में अकेली रहती है। भोलू के पिता नहीं रहे,रोटी का जुगाड़ मुश्किल … Read more

एक था पहाड़-एक है पहाड़ – देवेंद्र कुमार Moral Stories in Hindi

इस कहानी के अंदर हैं हम लोग,राक्षस और एक परी | आइये पढ़ते,सुनते और लिखते है इस कहानी को | पहाड़ -जिसे हम सबने मिल कर बनाया है| आप कहेंगे -यह कैसी अजीब बात, पहाड़ों को तो प्रकृति ने बनाया है धरती की दूसरी सब चीजों की तरह,जैसे समुद्र,जंगल,नदियां- मेरा मतलब इस धरती पर जो … Read more

error: Content is protected !!