प्रेयसी नहीं,प्रेरणा – शुभ्रा बैनर्जी Moral Stories in Hindi

मैत्रेई”बड़ा ही विशिष्ट महसूस होता था अपने आप में यह नाम। सामान्यतः देखने -सुनने को नहीं मिलता था यह नाम। मैत्रेई की मां ने रखा था उसका नाम। अर्थ जानने की कभी जिज्ञासा ही नहीं हुई। मां-पापा तो “मीतू”ही बुलाते थे।भाई -बहनों ने मीतू दीदी कहा,और मोहल्ले में मीतू ही प्रसिद्ध था।बचपन में पापा के … Read more

औरत का असली धर्म – शनाया अहम् Moral Stories in Hindi

ये क्या अनाप शनाप पका के रख दिया तुमने , एकदम बकवास।   न घर से कोई ख़ास दहेज़ लायी न ही खाना पकाने और ससुराल वालों को खुश रखने का तरीक़ा सीख कर आई।  सारा दिन बस इसे सिखाते रहो, जो इसकी माँ सीखा के भेजती तो आज हमें सीखाना न पड़ता।  अपने रूप के … Read more

प्यार की बेल- रंजना आहूजा Moral Stories in Hindi

अनुज आज अस्पताल से निकला तो घर जाने के बजाय सागर की ओर बढ़ गया ।  दिवाली के बाद  ठंड अपने आगमन की दस्तक दे रही थी ।  ढलती शाम में कुछ लोग दोस्तों संग , कुछ  अपने साथी की बाहों में बाहें डाले, तो कुछ अकेले ही सागर की लहरों का आनंद उठा रहे … Read more

बिना टिकट यात्रा- नेकराम Moral Stories in Hindi

शाम को थका मादा कारखाने से घर लौटा तो घर पर कोई न था दरवाजे पर ताला लटक रहा था पड़ोसन ने चाबी देते हुए कहा तुम्हारे मम्मी पापा और भाई बहन सभी अस्पताल गए हुए हैं तुम्हारी मामी शीला का एक्सीडेंट हो गया है पड़ोसन ने अस्पताल का नाम भी बता दिया मैं उल्टे … Read more

रिश्तों की डोर टूटे ना – बीना शर्मा Moral Stories in Hindi

‘”रश्मि दीदी के लिए जल्दी से मटर-पनीर, मिक्स वेज, बूंदी का रायता और बदाम का हलवा बनाओ। आज दीदी बहुत दिनों के बाद हमसे मिलने आई हैं।’” राहुल ने अपनी पत्नी रश्मि से कहा तो उसकी बड़ी बहन पूनम बोली ‘रहने दो भैया! आज मेरा मूड ठीक नहीं है। इसलिए मैं कुछ भी नहीं खाऊंगी।’ … Read more

भाभी तो महाकंजूस हैं – स्वाति जैन Moral Stories in Hindi

मम्मी , यह क्या अब तक उठी नहीं आपकी बहू ?? आप रसोई में क्यों काम कर रही हो ?? उठने दो महारानी को करेगी सारा काम !! उसका घर हैं यह हमारा नहीं और आपने उसको कुछ ज्यादा ही सर पर चढ़ा रखा हैं , गुस्से में कनिका अपनी मां राजुल जी से बोली … Read more

रिश्तों की डोर टूटे ना – वीणा सिंह Moral Stories in Hindi

  जूही इंफोसिस में इंजीनियर है, देखने में सुंदर पांच फीट छः इंच लंबी छरहरी, बेहद व्यवहारिक खुशमिजाज और मधुर स्वभाव की है… पर इतना काफी नही है, उसके ससुराल वालों को संतुष्ट करने के लिए… जूही और रोहन पांच साल से एक दूसरे को जानते हैं…. एक हीं कॉलेज से इंजीनियरिंग की.…जूही बेंगलुरु में नौकरी … Read more

नशे का चौराहा – आरती झा आद्या Moral Stories in Hindi

“आज फिर छोटे को देख़ मन ख़राब हो गया, नशे में धुत चौराहे पर बैठा हुआ था। घर की इज्जत मिट्टी में मिला क़र रख दिया है इसने।” कॉलेज से आए शांतनु अपनी टाई ढीली करते थकी हुई आवाज़ में अपनी पत्नी शाम्भवी से कह रहे थे। शाम्भवी टाई लेती हुई कहती है, “देखिए इतनी … Read more

माधवी का पुनर्जन्म – बालेश्वर गुप्ता Moral Stories in Hindi

    मेरठ से बृजघाट गंगा की दूरी मात्र 55 किलोमीटर है।पिछले वर्ष से आनंद जी के घुटनो में जो समस्या पैदा हुई तो उनका चलना ही दूभर हो गया।दुकान पर भी मुश्किल से ही जा पाते।घर के आंगन में चारपाई पर लेटे रहते थे।बृजघाट जाने के लिये आनंद जी ने टैक्सी की,स्टिक की सहायता से घर … Read more

समझ आई गलती – डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

“आ गए घूम के?”सरला जी ने पूछा तो विभोर और रिचा चौंक गए। “अम्मा!घूमने नहीं गए थे,रिचा को डॉक्टर के पास रूटीन चेक अप के लिए ले जाना था,वहीं से ला रहा हूं।” विभोर ने कहा। “हर महीने चल देंगे चेक अप कराने…हमारे क्या औलाद नहीं हुई तब तो ये चोंचले नहीं थे,घर पर ही … Read more

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