कड़वाहट – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

महिमा बचपन से देखती आ रही थी कि उनके घर में सिर्फ़ पिताजी ही बोलते हैं। इस घर में राघवेंद्र जी का राज ही चलता रहा । माँ सवित्री जी ने कभी भी अपना मुँह पिताजी के सामने खोला ही नहीं था। उनके घर पर जो भी आते थे उन्हें ऐसा लगता था कि माँ … Read more

मुखौटा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

प्रीतम घर का सबसे छोटा बेटा था।तीन बड़े भाई और भाभियों का संयुक्त परिवार था।प्रीतम जब पढ़ाई कर रहा था ,तभी बड़े भाई की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।दो छोटे-छोटे बच्चे थे,एक बेटा और एक बेटी।प्रीतम के मम्मी -पापा पहले तो बड़ी बहू पर जान छिड़कते थे।सारा घर उसने संभाल रखा था।तीनों देवरों के … Read more

परिधान – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

.. तुमने कुछ कहा ही नहीं इतनी सुंदर ड्रेस मैने पहनी है …तुम्हारा ध्यान कीधर रहता है सुमेर…. रिया कुछ नाराज हो गई थीऔर आखिरी के शब्दो को कहने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेस्तरां में कई लोग पलट कर उसकी ओर देखने लगे थे। यह सुंदर ड्रेस उसने कल ही खरीदी थी कल्पना … Read more

न रहने पर ही इंसान की कीमत समझ में आती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

कई दिनों बाद आज सरस्वती से मुलाकात हुई, हालांकि वो रहती हमारे मोहल्ले में ही है लेकिन मैं अपने बेटे के पास पूना गई थी चार महीने बाद लौटी हूं ।मिलते ही गले लगकर रोने लगी (दोस्ताना व्यवहार था मेरा सरस्वती के साथ) बड़ा अकेलापन हो गया है जिंदगी में कोई आगे पीछे नहीं है, … Read more

मैं और मेरा अस्तित्व – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

मयूरी और साहिल जीवन के ऊस मोड़ पर खडे़ हैं । जहां उनके रिश्ते मे इतनी “कडवाहट” आ चुकी है कि उसे कोई भी प्यार का शरबत मीठा नही कर सकता। मयूरी और साहिल का विवाह आज से 15 साल पहले हुआ था। हर आम वैवाहिक रिश्ते की तरह उनका भी रिश्ता था कभी प्यार, … Read more

तुम मेरे हो – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राशि अपने नाम के अनुरूप सौंदर्य की अप्रतिम राशि ही थी,विधाता ने बड़े फुरसत में गढ़ा था उसे,बड़ी बड़ी कजरारी आंखें, सुत्वा नाक,गुलाब की पंखुरी जैसे होंठ और आबनूसी काले,सिल्की बाल बस उसकी तकदीर लिखने में विधाता थोड़ी कंजूसी कर गए।छोटी सी थी कि उसकी मां महामारी की चपेट में आकर चल बसी,पिता ने दूसरी … Read more

* मन का मैल धुल गया* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

  दीपा, कल अपने पड़ौसी वर्मा जी के यहाँ भजन में गई थी । उनके छोटे बेटे की शादी के बाद बहू के आने की खुशी में उन्होंने भजन का कार्यक्रम रखा था। सुलभा जी और उनकी दैवरानी, जिठानी आपस में बहुत प्रेम से बातें कर रही थी, मिलजुल कर सारे काम कर रही थी। भजन … Read more

रोते रोते बस अपनी किस्मत को कोसती जा रही थी – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुमन को पार्क में आए तीन घंटे हो चुके थे,रोज की तरह सुबह सात बजे सैर के लिए घर से निकली थी और अब दस बज रहे थे ,सैर भी कितनी करती आखिर।थक चुकी थी,घर वापस जाने को मन ही नही कर रहा था,सोचने लगी कैसा घर किसका घर।पहले घर पति का था अब घर … Read more

NRI दामाद – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

न जाने किस घडी में मेरे मम्मी-पापा ने एक  एन आर आइ दामाद क सपना देखा था। असल में हुआ  ऐसा कि मेरी मौसी की लड़की की शादी NRI से हुई और वह अमेरीका में रहकर अपने पति के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही थी। तभी मेरी मम्मी ने भी सोच लिया कि वे … Read more

जीत ना सकी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

पुराने जमाने में अक्सर ऐसा होता था कि परिवार में बच्चों की संख्या अधिक होती थी, जैसे की 5 -6 भाई बहन या फिर 7- 8 भाई बहन आपस में होते थे। और कई बार ऐसा भी होता था कि सबसे बड़े भाई या बहन के विवाह में सबसे छोटा भाई या बहन गोद वाली … Read more

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