मनमुटाव – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

आज पांच दिनों बाद… कुसुम घर से निकलने को हुई तो पीछे से पापा की गरजती आवाज ने… उसके अंतर को हिला कर रख दिया… ” सोच लो कुसुम… आखिरी बार… एक बार उस दिशा में कदम बढाकर… वापस घर आने की सोचना भी नहीं… समझो घर के रास्ते बंद हो गए…!”  कुसुम के पैर … Read more

विश्वासघात – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शिप्रा और मनोज की दोस्ती पूरे कॉलेज में प्रसिद्ध थी,साथ ही साथ एम एस सी की थी दोनो ने,फिर पी एच डी और पोस्ट डॉक।इतना लंबा साथ था,मनोज शिप्रा पर जान छिड़कता,उसका कहा हर वाक्य उसके लिए ब्रह्म वाक्य से कम नहीं होता लेकिन शिप्रा,शायद उसके साथ उतनी सीरियस नहीं थी। इसकी भी एक वजह … Read more

पूर्वाग्रह – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

आज राखी का त्यौहार था। हंसी खुशी दोनों बहनों ने भाई-भाभी के राखी बांधी। और भाभी निशि  ने पैर छुते हुए गिफ्ट के पैकेट पकड़ा दिए।फिर  बोली दीदी खोल कर तो देखो।   दोनों बहनों ने पैकेट खोला। यह क्या सोच रहीं थीं कि साडी के नाम पर कलंक ऐसी साडी थी किन्तु प्रत्यक्ष बोलीं निशि … Read more

किसी को तो बदलना पड़ेगा – रोनिता : Moral Stories in Hindi

बहू…! आज खाना मिल जाएगा क्या..? 1:30 बज गए हैं… तुम्हें नहीं पता मुझे दवाई भी लेनी होती है..? कमला जी ने आवाज लगाई, तभी अंदर से रागिनी अपने 8 महीने के बेटे बबलू को लेकर बाहर आई… बबलू रोए जा रहा था और रागिनी उसे थपकी देते हुए कमला जी से कहती है… मम्मी … Read more

नमकहराम – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 1960 के दशक में मेरे घर मे काम करने के लिये मेरे पिता ने दुर्गा नामक अधेड़ व्यक्ति को नियुक्त किया था।मेरे पिता का ईंटो के भट्टो का व्यापार था,सामाजिक होने के कारण घर पर काफी लोगो का आवागमन रहता था, इसलिये मेरे पिता ने अपने विश्वासपात्र दुर्गा को भट्टे पर मजदूरी करने से हटाकर … Read more

गाजर ,मूली समझना – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चमेली आज सुबह से बर्मा जी के घर काम में लगी थी , सिर्फ एक कप चाय पीकर वह भी विना किसी नाश्ते के।जानती थी कुछ कहने का मतलब बर्मा मैडम का लैक्चर चालू हो जाता। तुम लोगों को चाहे कितना भी पैसा देदो,जरासा काम आजए तो नतीजा वही ढाक के तीन पात आज मिसिज … Read more

भेड़ की खाल में भेड़िया – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अंकल आपको शर्म आनी चाहिये।पापा आप पर कितना विश्वास करते हैं, और आप—-?छी.. मुझे तो आपसे घिन आ रही है।खबरदार जो आप  अब मेरे पास आये ।         रोहित को चिंता थी,अपनी बड़ी होती बेटी शुभ्रा की।जब तक वह उनके पास रह कर पढ़ रही थी तो वे बेफिक्र थे, पर जब अब वह अपनी उच्च … Read more

साक्षात्कार (इंटरव्यू) – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

रुचि आज जॉब इंटरव्यू की तैयारी कर रही थी। मगर उसका मन बहुत घबरा रहा था। पिछले 6 महीनों से वह अलग-अलग जगह पर कई कंपनीयों में  इंटरव्यू दे चुकी थी।  पहले दो चरणों में लिखित परीक्षाओं में पास हो जाती थी। तीसरे चरण में साक्षात्कार तो उसके अच्छे ही होते थे। परंतु परिणाम बिल्कुल … Read more

सपना का पश्चाताप – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

  सपना का रो रो कर बुरा हाल था | वह अस्पताल में बैठी भगवान् को याद कर रही थी | उसके पति  की गाड़ी को आफिस से घर आते हुए एक दूसरी गाड़ी ने टक्कर मार दिया था और वे धायल हो गये थे | कुछ लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया था और उनके … Read more

मनमुटाव – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

अर्पिता जल्दी-जल्दी काम निपटा  रही थी.जब से वह खबर सुनी थी.. खबर क्या, थी तो अपने घर की ही बात मगर मन को बेचैन और परेशान करने वाली बात थी. मम्मी के पास जाने की हड़बड़ी में कहीं बर्तन गिर रहे थे,कहीं सब्जी काटते हुए हाथ कट रहा था,, टंकी से पानी जाने कब से … Read more

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