Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

निर्णय – मनीषा गुप्ता सविता ने इसी वर्ष बी.ए. पास किया था वह आगे पढ़ कर नौकरी करना चाहती थी परंतु घर वालों ने बड़े घर का रिश्ता आते ही बिना उसकी सहमति के उसका विवाह तय कर दिया। उसकी राय जाने की कोशिश तक नहीं की। शादी के बाद उसके जीवन के सभी महत्वपूर्ण … Read more

घर लौट जाओ – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

25 वर्षीय माधुरी अपने पति के ऑफिस से आने से पहले ही शाम के धुंधलके में घर से निकल पड़ी और ऑटो से रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां पर मुंबई जाने वाली ट्रेन खड़ी थी। पूछने पर पता लगा, ट्रेन के चलने में अभी काफी समय है।       माधुरी चुपचाप जाकर एक बेंच पर बैठ गई। … Read more

एक नाराजी मौन भरी – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

 किससे नाराज हो? क्यों नाराज हो? समझ में ही नहीं आता सब ही तो अपने है । माँ -पापा ने कभी कुछ कहा तो मेरे भले के लिए ही कहा होगा, सोचकर कभी उनसे नाराज नहीं हुई। घर के बाहर अपनी हम उम्र बच्चों के साथ खेलती, कभी-कभी किसी बात पर बुरा लगता,तो उसे दिल … Read more

जेवर – प्रियंका पांडेय त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

प्रिया की शादी का दूसरा दिन था। सुबह का समय जेठानी जी फर्श पर बैठी हुई थी ननद रसोई में नाश्ता बना रही थी अचानक ननद प्रिया के पास आई ,उसे आंगन में ले गई और ऊंचे स्वर में प्रिया से कहने लगी कि….      “भाभी ने हमारे लिए बहुत किया है वो मां के समान … Read more

भाग्यविधाता – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

हरिनारायण मीना एक सम्पन्न किसान परिवार से थे। खेती बाड़ी, जानवर, सब तरह से  सुखी थे एवं व्यावहारिक प्रवृती के थे। इसीके चलते गाँव वालों ने उन्हें बिधायक  का चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया । पहले  वे ग्राम प्रधान बने फिर विधायक के चुनाव के लिए खडे हुए और भारी मतों से विजयी हुए। … Read more

एक समझौता – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“क्या ये दिन देखने के लिए    हमने तुझे इतना पढ़ाया-लिखाया—-?  और तेरी शादी करवाई —? कृष्णकांत जी गुस्से से लाल- पीले हुए जा रहे थे।  बेटा नितिन चुपचाप पिताजी की नाराजगी को सहन कर रहा था।  सामने मंजू देवी बुखार से कराहते हुए पति कृष्णकांत से बोलीं बस –। अब चुप भी करो जी—!  मेरी … Read more

देवेंदर काकी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

पूरे मोहल्ले की काकी…..देवेंदर काकी….. सरल , सहज गांव की सीधी-सादी , प्यारी सी काकी ….सबके सुख-दुख की साथी.. बेटे , बहू ,नाती, पोतियों से भरा पूरा परिवार ….घर की मुखिया और कॉलोनी की मुख्य किरदार ” देवेंदर काकी “….       मोहल्ले में जिसके घर भी जाती खूब आव भगत के साथ उनकी खातिरदारी होती ….विशेष … Read more

नाराज – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मेरे पति के साथ मेरा कोल्ड वार चल रहा था पूछिए क्यों ? दो महीने पहले मेरे ससुर की मृत्यु हृदयाघात से हो गई थी। वे गाँव के सरकारी स्कूल में गणित के शिक्षक थे। वहीं गाँव में ही उन्होंने दोमंजिला घर बनवाया था और आराम से रह रहे थे। उनके दो बेटे थे। मेरे … Read more

पापा चले ससुराल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      ” नहीं अवंतिका…शादी में तुम ही चली जाओ…और हाँ, अपनी भतीजी को जो भी देना चाहती हो, खरीद लेना।” कहकर असीम जी ने हाथ में अखबार ले लिया।तब उनके हाथ से अखबार लेकर मनुहार करती हुई अवंतिका जी बोली,” चलिये ना…उस बात को बीते तो बरसों हो गये हैं…कब तक नाराज़ बैठे रहेंगे..अब तो अपना … Read more

एक मुंह दो बात – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

सीमा को आज अपना प्रोजेक्ट जमा करना था लेकिन अचानक से उसकी माँ की तबियत बहुत बिगड़ गई।  सीमा के अलावा उसकी माँ को देखने वाला और कोई नहीं था। आज सीमा के सामने बहुत उलझन थी लेकिन उसकी प्राथमिकता उसकी माँ थी।  सीमा ने देखा था कि किस तरह उसकी माँ ने उसे अकेले … Read more

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