घर ना हुआ जेल हो गया – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बहू… आज तुम्हारी पहली रसोई है, तो सबसे पहले खीर बना लेना और हां उसमें किशमिश मत डालना… वह क्या है ना..? तुम्हारे पापा को पसंद नहीं… कहीं नाराज हो गए तो…? पार्वती जी ने अपनी नई नवेली बहू तरुणा से कहा  तरुणा फिर जैसा पार्वती जी कहती है वैसा ही करती है… कुछ रस्मों … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अब कोई माफ़ी नहीं – विभा गुप्ता         ” यार माफ़ भी कर दो..अब ऐसा कभी नहीं होगा।तुम्हारी कस..।”       ” मत खाओ मेरी झूठी कसम!” विनीता लगभग चीखते हुए अपने पति विनय से बोली।            एक कांफ्रेंस में विनीता की मुलाकात विनय से हुई थी।कुछ महीनों बाद दोनों ने शादी कर ली।विवाह के दो महीने तक तो … Read more

मैं अपने आप से नाराज नहीं हूं। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

शीला सुबह से काम में लगी हुई थी, बच्चों के स्कूल जाने के समय घर में भगदड़ सी मची हुई थी, तभी बस के आने का समय हो गया, निशू के मौजे नहीं मिल रहे थे, और बबलू अपनी टाई ढूंढ रहा था, तभी बीना जी की तेज आवाज गूंजती है, “आखिर करती क्या हो? … Read more

नाराज सुकन्या – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

मैं हूं “सुकन्या”। आज सुनिए सुकन्या की कहानी सुकन्या की जुबानी।  मैं सुकन्या चलाती हूं एक टिफिन सेंटर जिसका नाम है, “सुकन्या टिफिन सेंटर”।  आप सोच रहे होंगे की टिफिन सेंटर ?? क्या खास है इसमें टिफिन सेंटर तो बहुत से लोग चलाते हैं।  बहुत खास है सुकन्या का यह “सुकन्या टिफिन सेंटर”।  पहली खास … Read more

नाराज़गी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

हेलो चाचा , कैसे हो आप, हां ठीक है ।और कैसे याद किया भाई चाचा को ।आज तीन साल बाद भतीजे अनुज का फोन आया तो उमेश जी थोड़े हैरान हुए और मन भी भर आया क्यों कि चाचा भतीजे में आपस में बहुत पटती थी। चाचा भतीजे के बीच नाराजगी चल रही थी तीन … Read more

बहु आँखों में आंसू भर अपने सास के पांव पर झुक गई – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

सुनो रजत, मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती , आखिर मैं अकेली क्या क्या करूँ।  मुझे घर दफ़्तर सब देखना पड़ता है और अभी कुछ टाइम में हमारे बीच एक बच्चे की ज़िम्मेदारी भी होगी , ऐसे में तुम्हारी माँ की ज़िम्मेदारी भी मुझे ही उठानी पड़ रही है , वो ख़ुद तो सारा … Read more

बीस साल पहले … – सीमा वर्णिका : Moral Stories in Hindi

जेल की लम्बी सजा काट कर प्रमोद आज रिहा हो रहा था। वह समझ नहीं पा रहा था खुश हो या अफ़सोस मनाए । वह जेल के फाटक के बाहर जड़वत खड़ा सोच रहा था किधर जाए। वहाँ जहाँ उसके परिजनों ने उसे अपराधी मान जेल के सींखचों के पीछे जीवन काटने को मजबूर किया। … Read more

नाराज – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

दीपावली नजदीक आ रही है.. चारो तरफ त्योहार की धूम है.. कितनी जद्दोजहद और जलालत सहने के बाद आज समर के साथ बंधे बेमेल रिश्ते से मुक्ति मिली.. मंजुला सोच रही थी कि मैं इस फैसले से मुक्त होने पर खुशियां मनाऊं या फिर अपने अनिश्चित भविष्य को लेकर दुःखी हो जाऊं.. मैं अपनी किस्मत … Read more

घर-वापसी – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

देखते-देखते केशव जी के रिटायरमेंट का दिन आ पहुँचा । आज सुबह तीन बजे ही उनकी आँख खुल गई थी । हर रोज़ चार बजे उठते थे । पहले तो दस मिनट लेटे रहे फिर उठकर पानी पिया , सोने की कोशिश की फिर अजीब सी बेचैनी महसूस हुई तो खड़े होकर कमरे की बत्ती … Read more

बहु हो तो तारा जैसी – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सूरत तो सभी देखते  सीरत ना देखे कोई, कोई कोई भगवान का भैया  सीरत जो समझे कोई। तारा शादी का एल्बम देखते देखते 18 वर्ष पहले  की यादों में पहुंच गई। जब तारा को देखने लड़के वाले आ रहे थे।ये छठी बार था जब तारा को कोई लड़के वाले देखने आ रहे थे। रोज-रोज के … Read more

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