बच्चे को मत डांटो, इसमें गलती बहू की है…- सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मयूरी अपने 7 साल के बेटे अमय को खाना खिलाने बैठती तो उसके हाथ में मोबाइल फोन ज़रूर पकड़ा देती थी। इस चक्कर में अमय एक जगह बैठकर खाना खा लेता वरना तो मयूरी को पूरे घर के चक्कर लगाने पड़ते तब भी उसको पूरा खाना न खिला पाती थी। जब भी मयूरी की सास … Read more

दूधो नहाओ पूतो फलो – सीमा वर्णिका : Moral Stories in Hindi

दूधो नहाओ पूतो फलो इस आशीर्वाद से राधा के तन बदन में आग लग जाती। विमल से उसकी शादी हुई दो वर्ष बीत चुके थे। आज जिंदगी के जिस मोड़ पर वह खड़ी थी वह समझ नहीं पाती कि किसको जिम्मेदार ठहराए अपने भाग्य को या माता-पिता की विवशता को।    कोरोना काल की विसंगतियों का … Read more

अब कैसी नाराजगी – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

सन् 1980, 8 फुट की ऊंचाई ,लंबा चौड़ा शरीर घनी घनी मूंछें और कंधे तक झूलते हुए बाल ,यह पहचान थी रघुनाथपुर की लाला जी की।लाला अमरनाथ सिंह जी कहने को तो पहलवान थे मगर कई गांव के मालिक थे।उनके पैतृक गांव रघुनाथपुर में तो उनकी तूती बोलती थी।तीन बेटे और एक बेटी का उनका … Read more

क्या कहें हमारे तो कर्म ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

शारदा घर के सारे काम ख़त्म करके टी वी देखने के लिए बैठक में पहुँची । उसके पति रघुनाथ जी ने हँसते हुए कहा कि तुम्हारे सीरियल का समय हो गया है क्या? शारदा ने हाँ में सर हिलाया और सीरियल देखने लगी तभी अचानक टी वी बंद हो गया था तो उन्होंने सोचा बिजली … Read more

भाभी का ह्रदय पिघला – जयचन्द प्रजापति ‘जय : Moral Stories in Hindi

गर्मी का मौसम है। तेज धूप है। हवाएं भी तेज चल रही हैं। लू का महीना, एकदम जान जा रही थी। बाहर बहुत मुश्किल से लोग निकल रहे थे। अचानक बस रुकी। बस से एक औरत झोला लिए उतरी। साड़ी में बेहद खूबसूरत। सबकी निगाह उस महिला पर गई। कुछ लोग पहचान गए। ये तो … Read more

पहले वाली भाभी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ क्या बात है भाभी आप कुछ दिनों से परेशान दिख रही है…. मैं आ गई हूँ इसलिए क्या?” राशि ने अपनी भाभी निशिता से उसके उतरे चेहरे को देख कर पूछा “ ये कैसी बात कर रही है दी…मैं क्यों आपके आने से दुःखी होने लगी… आपके आने से तो इस घर में रौनक़ … Read more

असली बहन – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

बंटी दुकान पर जाकर बोला…” अंकल ₹50 की एक चॉकलेट दीजिए…!” ” पर बेटा ₹50 की तो नहीं है मेरे पास…!” ” अच्छा ₹40 की है…!” ” नहीं बेटा ₹20 की है…!” ” अच्छा तो दो दे दीजिए…!”  चॉकलेट हाथ में लेकर बंटी बिना पैसे वापस लिए निकल गया… उसके पीछे से रीना आई…” चाचा … Read more

*करमजला* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे करम जले कुछ तो सोचा होता,सारे कस्बे में थू थू हो रही है।हमे तो तूने कही मुँह दिखाने लायक भी नही छोड़ा।        माँ, क्या कह रही तू,तुझे क्या अपने राजू पर जरा भी यकीन नही है, क्या मैं ऐसा कोई काम करूंगा जिसे हम पर धब्बा लगे?      तो बता क्या आजकल तू उस हरिजन … Read more

ये कैसा प्यार है – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“रश्मि इधर सुन, तुझसे कुछ बात करनी है “भाई सुदेश ने रश्मि को पुकारा। रश्मि के साथ उसके पति मोहित भी आ गये।”बोलिये भैया क्या बात है “मोहित ने हँस कर पूछा।”आपसे नहीं रश्मि से बात करनी है “सुदेश जी बोले। सुदेश के घर का गृहप्रवेश होने वाला था अतः सुदेश रश्मि से पूछ कर … Read more

रिश्ते हमेशा बराबर वालों से बनाने चाहिए.. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

रत्ना और किशोर जी ने सीमित आय में भी अपने दोनों बेटों अमित और सुमित की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं आने दिया। खुद की जरूरतों को अनदेखा कर बच्चों की परवरिश अच्छी तरह की। जब अमित पढ़ाई खत्म कर जॉब में आया तो रिश्तों की बाढ़ सी आ गई। आये भी क्यों ना, अमित … Read more

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