Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

सामाजिक बंधन – तृप्ती  देव  कृष्णा एक छोटे से गाँव में रहता था, जहाँ समाज के नियम और परंपराएँ गहराई से जुड़ी थीं। एक दिन गाँव में एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई, जिनके परिवार का कोई सदस्य नहीं था। गाँव के लोग अपने कामों में व्यस्त थे, लेकिन कृष्णा ने समाज के प्रति … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

विश्वास का बंधन – अंजना ठाकुर सुमित्रा जी ने पूरा घर सर पर उठा लिया था उनका खानदानी हार  गुम हो गया था जिसका इल्जाम वो अपनी बहू नीला पर लगा रही थी ।नीला आंखों मैं आंसू लिए सफाई दे रही थी ।नीला की नई शादी हुई थी अभी अपने पति अमित को भी अच्छे … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

बंधन – अर्चना खंडेलवाल काजल बहू,  तुम ये खाने का डिब्बा रोज किसके लिए लेकर जाती हो, मैंने घर में कोई भंडारा नहीं खोल रखा है।” ‘मम्मी जी, मुझे माफ कर दीजिए, पर  चाची की हालत बहुत खराब है, उनके बेटे बहू भी उन्हें संभालने नहीं आते हैं, वो अपने लिए दो वक्त का खाना … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

रिश्तो की अहमियत – मनीषा सिंह भाई -बहन के झगड़ों में मुझे नहीं फंसना, कल रखी है और पिछले दस दिनों से दोनों एक दूसरे से मुंह फुला कर बैठे हैं–। आंगन में कपड़े डालते हुए, रानी सोच- सोच के परेशान हुई जा रही थी कि तभी ,कमरे से अमर और आभा हंसते हुए बाहर … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

रिश्तों की अहमियत-संध्या सिन्हा  “सरला जी आप से मिलने कोई आया हैं,” मुझसे मिलने इस “ ओल्ड ऐज होम” में कौन आएगा भला…सरला जी सोचने लगी ….उन्हें यहाँ आये अभी दो ही हफ़्ते हुवे थे और उन्होंने किसी को यहाँ के बारे में बताया भी नहीं था सिवाय राधा( अपनी सत्संग वाली सहेली )को।वो यहाँ … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

रिश्तों की अहमियत – डॉक्टर संगीता अग्रवाल मम्मा!पड़ोस वाले दादा जी इतने दुखी क्यों रहते हैं,उनके घर में सभी हैं, बहू,बेटे,पोते पोतियां पर वो एकदम चुप और परेशान दिखते हैं,ऐसा क्यों है?रजत ने आशा ,अपनी मां से पूछा। बेटा!जब ये ताकतवर थे,सबको डरा धमका के रखते,खूब दुखी करते,किसी रिश्ते का मान नहीं रखा इन्होंने,इनकी पत्नी … Read more

घर का चिराग – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   बाबूजी,एक बार केवल एक बार मुझे स्वीकार कर लो।मैं जिंदगी से हार गया हूं,मुझे सहारा दे दो बाबूजी मुझे अपना लो बाबूजी।कह कर चिराग फूट फूट कर रोने लगा।       निर्विकार भाव मे खड़े आनंद स्वरूप जी अपने बेटे का अंतर्नाद सुन अंदर तक कांप गये।असमंजस में अंदर उमड़े स्नेह प्यार के भावों को प्रकट कर … Read more

समझदार बहू – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नीरा को देखने आज लड़के वाले आ रहे थे,नीरा एक आधुनिक,पढ़ी लिखी ,सुंदर लड़की थी जो किसी और से प्यार करती थी पर पिता,भाई के अनुशासन की वजह से उनके विरुद्ध न जा पाई थी,उसके प्रेम की बात उसकी मां और भाभी नैना ही जानती थीं बस। नैना ने उसे सलाह दी थी कि आप … Read more

घर वापसी – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

केशव माधव के लिए आज का दिन किसी दिवाली से कम नहीं था क्योंकि आज उनकी मां जानकी की, मौत को हराकर अपने बच्चों के पास घर वापसी जो हुई थी। कितने खुश हैं उनके परिवार में आज सब। अरे हेमा जी क्या बस अपने दोनों लाड़़लो को ही मीठा खिलाओगी, आज तो हम भी … Read more

“बहू हो तो ऐसी” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

मघु जी के पति भरी जवानी में उन्हें और उनके दोनों बच्चों मयंक और मीनू को छोड़कर चल बसे थे जब वे केवल आठ और छः साल के थे! पति की सरकारी नौकरी के कारण उनके जाने के बाद उन्हें पेंशन मिलने लगी!उनके ससुराल का घर था!यही गनीमत थी! उन्होंने उसी स्कूल में नौकरी कर … Read more

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