क्या समझौते सिर्फ पत्नियां करती है ? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” क्या बात है रिया आज ऑफिस आने में देर हो गई तुम्हे ?” रिया की सहेली प्रतीक्षा ने उससे पूछा। ” हां यार बस थोड़ी देर हो गई घर से निकलने में ये शादी नाम की घंटी गले में लटकाई है ना उसके कुछ तो साइड इफेक्ट्स होंगे ही !” रिया गुस्से में बोली। … Read more

बेटा, तूने घर-वापसी में बहुत देर कर दी। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बेटा, सब कुछ रख तो लिया, कुछ छूट तो नहीं गया? गीता जी ने भारी मन से पूछा, और अपने आंसू छुपा लिए। हां, मम्मी सब कुछ रख लिया  है, आप फ्रिक मत कीजिए, फिर कोई सामान छूट भी गया तो, बाहर से नया खरीद लूंगा, वैसे भी हमारे शहर में इस शहर से अच्छी … Read more

घर वापसी – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

सुमित और समर बचपन से साथ-साथ बड़े हुए,,पढ़ लिखकर शहर के नामी गिरामी कालेज में लेक्चरार हो गए!  नौकरी मिल जाने पर दोनो ने एक छोटा सा टू बेडरुम का घर किराए पर ले लिया!खाना बनाने और घर की साफ-सफाई के लिए एक नौकरानी रख ली! दोनो दोस्त अपनी नौकरी और घर में मस्त रहते! … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

 अब कोई माफ़ी नहीं – विभा गुप्ता         ” यार माफ़ भी कर दो..अब ऐसा कभी नहीं होगा।तुम्हारी कस..।”       ” मत खाओ मेरी झूठी कसम!” विनीता लगभग चीखते हुए अपने पति विनय से बोली।            एक कांफ्रेंस में विनीता की मुलाकात विनय से हुई थी।कुछ महीनों बाद दोनों ने शादी कर ली।विवाह के दो महीने तक तो … Read more

घर वापसी – डॉ हरदीप कौर : Moral Stories in Hindi

दिव्या पांच वर्ष की थी, जब उसे पता चला था कि उसकी दादी उसको छोड़कर भगवान के पास चली गई है। दादाजी का तो उसे याद ही नहीं था कि कब भगवान के पास चले गए थे? उसकी दादी गांव में रहती थी।जब भी वह दादी से छुट्टियों में मिलने जाती तो उसे ढेर सारा … Read more

शिक्षित होना ज़रूरी है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” दादी…कहानी छुनाओ(सुनाओ)…।” नन्हीं पीहू प्रभा जी के गले में अपनी बाँहें डालती हुई बोली तो उन्होंने उसके हाथों को हटाते हुए झिड़क दिया,” जा..अपनी पढ़ी-लिखी माँ से सुन..।” पीहू रोती हुई अपनी माँ के पास चली गई। उनके पति अंबिका बाबू वहीं खड़े थे, बोले,” प्रभा…उस बच्ची का दिल दुखाकर तुम्हें क्या मिला..एक कहानी … Read more

संदूक खुलाई – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

स्वाति ,मैं सुबह से कह रही थी कि  संदूक खोलने की रस्म कर लो …. रह गई  ना रस्म , और  बहू मायके चल पड़ी …. बता , रुकेगी क्या हफ़्ता-दस  दिन? नहीं तो रस्म अभी घर चलकर करवा देती हूँ । कल से पंचक लग रहे हैं, अब तो बहू सोमवार को आएगी । … Read more

घर वापसी – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सीताराम एक छोटी सी कंपनी में नौकरी करते थे। उनकी थोडी सी तनख्वाह से ही उनके तीन बच्चों पत्नी और माँ का पालन पोषण होता था। उनकी भी ख्वाहिश थी कि एक अपना घर हो लेकिन वह एक सपना ही बनकर रह गया था। वे सब एक हजार रुपए देकर किराए के मकान में रहते … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

राखी – नीलू कंसल अनीता आज काम करने अपनी बेटी राधा को लेकर आई थी।राधा की उमर १० साल के आसपास थी।उसकी उदास आंखें मेरे से छुप नहीं पति।मैंने अनीता से इसका कारण पूछा।अनीता ने बताया की मेरे एक ही बेटी है राधा।उसका न कोई भाई है और न बहन।अब राखी आने वाली है।जब तक … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

राखी – भगवती सक्सेना गौड़ बिट्टन बुआ रक्षा बंधन में पोटली में ढेरों राखी और मिठाई लेकर आती। चार दशक पहले राखी के दिन पूरे मोहल्ले में भाई बहनों के साथ त्योहार मना जाती। पच्चीस बरस बाद अपने बुजुर्ग चाचा के यहां गयी। उनकी बेटी प्रतियोगिता की सीढ़ियां चढ़कर जर्मनी पहुँच गयी, बेटा हैदराबाद में … Read more

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