उम्मीदें… सही है.. – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्या यार निशा.. जब भी मैं तुझसे मिलने तेरे ससुराल में आती हूं तू हमेशा ही घर के कामों में बिजी रहती है ऐसा लगता है कि तू घर की बहू नहीं कामवाली बाई है जो भी आता है तेरे ऊपर हुकुम छोड़ कर चला जाता है, कभी सास ससुर को गर्म चाय गरम खाना … Read more

भादों का भय – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

बड़ी मुश्किल से दो महीने ही हुए थे , निर्मला जी  (मां )को अपनी बेटियों के पास गए हुए।ससुर जी जब थे,साथ ही जातीं थीं बेटियों के पास,वो भी बहुत कम दिनों के लिए।ससुर जी की बरसी पर आई छोटी बेटी की बिटिया ने कहा था नानी से”हमारे साथ चल कर रहिए ना कुछ दिन … Read more

भाभी की सीख – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        ” ईशा..डाॅन्ट टच…।” निशा ने अपनी जेठानी की बेटी से कहा तो पास खड़ी उसकी ननद की बेटी अराध्या बोली,” मामी..हम तो बस देखेंगे..तोड़ेंगे थोड़े ही..।” सुनते ही निशा गरम हो गई, उसका हाथ झटककर तीखे स्वर में बोली,” तुम्हारी मम्मी ने सिखाया नहीं कि दूसरों की चीजों को हाथ नहीं लगाना चाहिए।” दोनों बच्चियाँ … Read more

‘ पश्चाताप ‘ – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रोहित और रीना एयरपोर्ट से जैसे ही बाहर  निकले तो उन्हें कैब मिल गई।बिना देर किए दोनों कैब में बैठ गए।कैब बहुत तेजी से सड़क पर भाग रही थी और रोहित के कानों में रह-रहकर माँ के वो आखिरी शब्द गूँज रहे थे..बेटा तेरी बहुत याद आ रही है,हो सके तो एक बार आ जाना..!! … Read more

चिकना घड़ा – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

भाभी जी मुझे खाना बनाना है ,तो बनाओ ना मैं बैठी हूं जो बनाओगी मैं भी खा लूंगी।प्रिया परेशान हो गई थी चम्पा भाभी से ।वो वक्त बेवक्त प्रिया के घर आकर बैठ जाती थी और फिर जाने का नाम नहीं लेती थी ।दो चार दिन की बात हो तो ठीक है लेकिन ये तो … Read more

आधी हकीकत-आधा फसाना – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

  ‘मैं उम्मीद करता हूँ, कि आपने मेरी चिट्ठी को पढ़कर, सोच समझ कर निर्णय लिया होगा, मैं चाहता था आपसे मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दूं, मगर हमारे परिवार के लोगों की दकियानूसी सोच ने यह होने नहीं दिया। बहुत कोशीश की, बड़ी मुश्किल से आपकी माँ को पत्र लिखकर दे पाया। और उन्होंने जब … Read more

दूसरी माँ – डॉ हरदीप कौर : Moral Stories in Hindi

पिंकी और उसके दो छोटे भाई बहन अभी इतने बड़े नहीं हुए थे कि अपने आप को अपनी मां के बिना संभाल पाते। पर भगवान को कुछ और ही मंजूर था। भगवान ने इन मासूम बच्चों से उनकी माता को अपने पास बुला लिया।             पिता ने छोटे बच्चों को पालने-पोसने के लिए दूसरी शादी कर … Read more

ज़ड़ें : मीनाक्षी सिंह Moral Stories in Hindi

क्या काका… आप भी बुढ़ापा आ गया … काकी भी छोड़ कर चली गई … अकेले इस  टूटे-फूटे घर में पड़े रहते हो… पिछली बार भी तुम्हारा बेटा पिंटू आया…. बोला भी कि… चलो पापा  हमारे साथ… चल कर रहो …. लेकिन तुम तो काका अपनी ज़िद  के पक्के… कभी जाते ही नहीं … कितने … Read more

जानते हैं जी … छोड़ ना तू क्या बताएगी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  जानते हैं जी….. जैसे ही शालिनी ने दीपेश से कुछ कहना चाहा…. हां हां छोड़ ना तू क्या बताएगी …..ये रहा फल , मिठाई, ब्लाउज पीस, और पूजा का सारा सामान उधर रख दिया हूं ….ये फल धोना है क्या….?  दीपेश ने शालिनी के काम में हाथ बटाने की कोशिश की…!     कल की बात शालिनी … Read more

तमाचा – शिप्पी नारंग : Moral Stories in Hindi

80 वर्षीय देवीप्रसाद जी का अंतिम संस्कार हो चुका था । घर के लोग वापस घर आ चुके थे और बाहर बरामदे में बैठे थे।  रिश्तेदार अंदर बाहर हो रहे थे । कोई नहाने की तैयारी कर रहा था कोई नहाने गया था, तभी पड़ोस से विमला चाची व उनकी दोनों बहुएं चाय और बिस्किट … Read more

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