ठेले वाले के बर्गर – नेकराम : Moral Stories in Hindi

हर मोहल्ले में कोई ना कोई एक व्यक्ति ऐसा जरूर होता है जो हमेशा फोकट का खाना चाहता है कहने का अर्थ है उसे फ्री का सामान चाहिए हमारे ही मोहल्ले की बात है नाम तो उसका शंकरलाल था लेकिन लोग उसे पेटू के नाम से पुकारा करते थे पेट फूल कर उसका गुब्बारा हो … Read more

गिरह – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सौरभ तुम्हारी मम्मी का फ़ोन है पर ये मुझे फ़ोन क्यों कर रही है? कहीं तुमने बता तो नहीं दिया कि मैं तुमसे दो हफ़्ते पहले इंडिया जा रही हूँ । फ़ोन तो उठा लो, मैंने कुछ नहीं बताया….क्या मम्मी तुम्हें फ़ोन नहीं कर सकती…..लो फ़ोन कट गया । अच्छा हुआ, कट गया । मैंने … Read more

तारणहार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नहीं पापा नहीं, मैं सपने में भी ऐसा नही सोच सकती।पापा, राजीव अब भी मुझमें जीवित हैं, मैं उसका वजूद अपने दिल दिमाग शरीर मे हरदम महसूस करती हूं।       बेटी,देख तीन वर्ष हो गये, राजीव के जीवित रहने की कोई आशा नहीं।तुम्हारे सामने पूरा जीवन पड़ा है,बेटी मैंने इसीलिये कहा तुम दूसरी शादी कर लो।जहां … Read more

“आखिरी ख्वाहिश” – मनीषा सिह : Moral Stories in Hindi

 “दो बच्चे और पत्नी धनिया” को सोता छोड़ एक रात हीरा गांव छोड़कर  कहीं चला गया। सुबह जब धनिया सो कर उठी, तो पति को न पाकर उसे ढूंढते खेत चली गई । सबसे पूछा पर हीरा को किसी ने नहीं देखा । मुंह लटका कर धनिया घर लौट आई सुबह से शाम हो गई … Read more

नारी का पुरुषार्थ – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   रवि,क्या मेरी एक बात मान लोगे?        बोलो ना,सुमन तुम जो कहोगी मैं करूँगा।        देखो मैंने ये प्राइवेट रूप में इंटर करने के लिये फॉर्म मंगवाया है, इसे भर कर भेजना है।सब पुस्तके मैं मंगवा दूंगी, पर पढ़ना तो पड़ेगा।बाद में एग्जाम होंगे।देखना तुम निश्चित रूप से सफल होंगे।फिर मैं हूँ ना।       क्या तुम चाहती हो … Read more

घर वापसी – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

“इन दोनों ने नाकों दम कर दिया है। दुनिया क्या कहेगी? कहती रहे। मैं किसी से कुछ कहती हूं क्या? अपनी परेशानियों को तो मैं ही न जानती हूं।दूसरा क्या जाने? जीना हराम कर दिया है बूढ़े और बुढ़िया ने। एक वो हैं जो कुछ भी बोलते ही नहीं। मुझे ही देख लेना कह कर … Read more

जब बेटे ने मम्मी-पापा को दिखाया आईना – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रोहन आपने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी  में गया था। वहां उसने देखा कि पर्व के नाना-नानी के साथ -साथ  दादा-दादी भी आये थे। वे उसे बहुत प्यार कर रहे थे  एवं  एक सुन्दर सी साईकिल उसे उपहार में दी। रोहन यह सब देखकर सोचने लगा कि उसके तो केवल नाना- नानी ही आते हैं, … Read more

तुम आज भी मेरे मन में जिंदा हो! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

ट्रेन से उतरकर मैं बस पकड़ने के लिए ऑटो कर लिया था।  आज मैं अपने पुराने दिन को जीना चाहता था, उसी पुरानी वर्षों, पुरानी दिनों को ,,,जिनकी याद मुझे बहुत ही ज्यादा मीठी लग रही थी!  सामने बस स्टैंड था।  अनगिनत बसें खड़ी थीं। दलाल और बस कंडक्टर आकर जगह का नाम लेकर बुला … Read more

“विश्वास और भरोसा” – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

सुधा विद्यालय की सीनियर टीचर थी।सोशल पढ़ाते समय समाज और संस्कृति को जोड़ देती थी।बच्चों को सिलेबस की पढ़ाई के साथ-साथ,मानवीय मूल्यों की शिक्षा देना आज के वर्तमान परिपेक्ष्य में नितांत आवश्यक हो गया है। अलग-अलग प्रेरणादायक कहानियों, कविताओं व धार्मिक संस्करणों के माध्यम से,पढ़ाना सुधा को बहुत रोमांचित करता था।वैसे तो आजकल लोग अधिकतर … Read more

धन्यवाद भाभी ! आपने मेरा स्थान मायके में सहेज कर रखा…. – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रुपाली अपने बड़े भाई यश की शादी में जाने की तैयारियों में लगी हुई थी। पर खुशी के साथ साथ उसके मन में एक अजीब सा डर और असुरक्षा की भावना भी हिलोरें मार रही थी। बात ऐसी थी कि रुपाली की परवरिश एक संयुक्त परिवार के बीच रहकर हुई थी जिसमे उसके दादा दादी, … Read more

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