सयुक्त परिवार में रोक टोक तो होती है पर सुरक्षा और परवाह भी होती है – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अवि खिड़की से बाहर टकटकी सी लगाई बैठी थी। तभी सौरभ ने आवाज लगाई ” अवि खाने का टाइम हो गया यार अब तो खाना परोस दो।” अवि वही से चिल्लाई ” बस दो मिनिट “ सौरभ डाइनिंग टेबल पर बैठ गया अवि खाना परोस रही थी की उसे याद आया ” अरे तुमने याद … Read more

बचपन की गोटियों का खेल – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आज स्वरा रोजमर्रा के कार्यों से निवृत्त होकर खाली बैठी ही थी कि…. अतीत की यादों का कारवां खुलता गया ….अरे कहां गुम हो गई तू राधा…. बचपन की सहेली , बहुत छोटी उम्र वाली , एकदम घर जैसी सहेली …..सच में राधा… आज ना मुझे तेरी बहुत याद आ रही है ..!        कॉलेज की … Read more

धोखा- श्वेता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

“कमला, तुम जरा इन सब डोंगों को बाहर डाइनिंग टेबल पर रखो। मैं सबको बुलाकर लाती हूॅं। कमरे में घुसकर गप्पे लड़ा रहे होंगे।” यह कहकर राधा किचन से निकलकर जल्दी-जल्दी कमरे की ओर बढ़ने लगी। एक -एक करके उसने घर के सारे कमरे देख लिए लेकिन, उनका कोई अता-पता नहीं था। कहीं छत पर … Read more

जीवन का सच – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

 हर माँ की तरह माला को भी अपने बच्चों पर बहुत गर्व था। प्रभात जी से झगड़ा होने पर अक्सर इतरा कर बोलती, “मेरे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो जायेंगे तो मैं उनके साथ रहूंगी आपके साथ नहीं “ प्रभात जी बोलते,”देखता हूँ तुम्हारे बच्चे कितना करते है “   सुनते ही माला गर्व से … Read more

ये जीवन है… – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी बहुत हुआ …अब आपके इतने कठिन काम करने के दिन गए …चलिए हम लोगों के साथ रहिए अब आराम से नाती पोतों का सुख लीजिए…. पारस की चहकती हुई आवाज से सुधा चौंक गई।गहराती शाम में वह अपनी बुटीक शॉप के शटर गिरा रही थी तभी पीछे से अपने दामाद की आवाज सुन … Read more

अस्तित्व – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

विद्या , तुझसे कुछ बात करनी है । आज  दोपहर को आएगी क्या?  —-शाम को ही आऊँगी । दोपहर में बड़ी गर्मी होती है फिर तुम लोग भी तो थोड़ा आराम करते हो उस समय , सुबह – शाम तो आने-जाने वाले होते हैं । रात के दस बजे तक कहाँ फ़ुरसत मिलती होगी…. —-तभी … Read more

“इश्क ” एक गुनाह (भाग-7) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

राजवीर अदिति से मिल कर हवेली वापस लौटता है अब आगे – आज उसका मन बहुत विचलित था। वो पूरी घटना के बारे में सोच रहा था। अदिति ने उसे ठुकराया था और उसके कैरेक्टर पर सवाल खड़ा किया था। इसमें गलती न उसकी थी न अदिति की थी वो दोनों अलग-अलग कल्चर में पले … Read more

“इश्क ” एक गुनाह (भाग-6) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

प्लान के मुताबिक अदिति और राजवीर “द रोस्ट रिट्रीट कैफे” में शाम चार बजे मिलते हैं। जहां वो अदिति को अपना इंट्रोडक्शन देना चाहता है पर अदिति उसे रोक कर खुद उसका इंट्रोडक्शन उसके सामने रखती है वो ये भी कहती है कि वह अपनी गर्लफ्रेंड लीजा जोसेफ के साथ लिव-इन में रहता है अब … Read more

“इश्क ” एक गुनाह (भाग-5) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

अदिति को जब पता चलता है कि राजवीर ने शादी के लिए हां कर दी है तो उसे बेहद गुस्सा आता है। वो राजवीर को फोन करके कहती है कि इस शादी से मना कर‌ दे परंतु राजवीर कहता है कि अगर वो उससे मिलने “द रोस्ट रिट्रीट कैफे” आएगी तो वो शादी से मना … Read more

“इश्क ” एक गुनाह (भाग-4) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

वो हवेली पहुंचा तो उसका मूड ऑफ हो चुका था। आज तक ऐसा उसके साथ कभी नहीं हुआ था। वो सीधे अपने रूम में चला गया। फूलचंद मानवेंद्र सिंह के पास गया। फूलचंद सब कुछ ठीक रहा?? बड़े सरकार !  हुक्म सा पूरे रास्ते कुछ ना बोले। तुमने कुछ नहीं पूछा। नहीं सरकार मेरी इतनी … Read more

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