कमाल के हैं सैयां हमारे – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अम्मा जी आपने देवर जी को सब कुछ सिखाया पर बड़े बेटे को क्यों कुछ भी नहीं सिखाया।”ये बातें हर दिन सुनने को मिलती। जी मैं राशि ये बातें अकसर मेरे पति के लिए ही कही जाती,जो शादी के पच्चीस साल से सुनती आ रही हूँ । मेरे पति के बड़े भाई साहब घर के … Read more

मेरी बेटी सर्वगुण संपन्न हैं – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 आधुनिका  राधिका की शादी एक रूढ़िवादी  परिवार में हुई….. कुछ दिन तो शादी के बाद के रस्मों में निकल गए….. सब मेहमान चले गए और राधिका –  रमन  हनीमून से वापस आ गए …. अब असली परीक्षा  शुरू हो गई…. राधिका संपन्न घर की  बेटी थी.।   थोड़ा बहुत खाना बना लेती थी पर यहाँ … Read more

शुरुआत – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी तृषा ….शादी के 30 वर्षों के बाद घर के सामने बच्चों को बैडमिंटन खेलते देख रही थी …!  बैडमिंटन और खेल देखते ही मन में उत्साह और खेलने की ललक जाग उठी…।          साड़ी का पल्लू बगल में दबाए पहुंच गई बच्चों के बीच….. एक बार मुझे भी बैडमिंटन खेलने … Read more

ऊपर की कमाई – नेकराम : Moral Stories in Hindi

पत्नी काफी दिनों से मेरे पीछे पड़ी हुई थी तुम कारखाने की नौकरी छोड़ दो और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करो आजकल सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी में ऊपर की कमाई बहुत है हमारे पड़ोसी राकेश अंकल अस्पताल में काम करते है बहुत पैसा इकट्ठा कर लिया है उन्होंने मैं आपकी नौकरी की भी बात उनसे … Read more

नीलांजना ( भाग-11 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

…”चोट सचमुच मेरे सर में लगी है… पर आपका सर तो ठीक है ना… अगर कोई सफल न हो… तो क्या उसे जीने का हक नहीं होता…!” ” देखो अभिनव दत्ता… पहेलियां मत बुझाओ…!” उसके बाद… अभिनव ने बिना नीलांजना जी का पता बताए… उनके हरिद्वार से निकलने के बाद क्या हुआ… कैसे हुआ… सब … Read more

नीलांजना ( भाग-10 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

…लगभग एक हफ्ते हो गए थे… अभिनव को उस घर में… अब वह पहले से बहुत ठीक था… इस बीच नीलांजना जी और उनकी बेटियों ने अभिनव को कभी किसी कमी का एहसास नहीं होने दिया… शांभवी तो पूरी तरह घुल मिल गई थी भैया से… उसकी पढ़ाई में भी बहुत मदद मिल रही थी… … Read more

नीलांजना ( भाग-9 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

नीलांजना ने आगे कहना शुरू किया … ” मैंने अस्पताल से घर में फोन किया था… मैं नागार्जुन से शायद सब कह देती उसी दिन… मगर फोन मेरी अम्मा… अंकिता की दादी ने उठाया था… नागार्जुन तब तक घर नहीं आए थे… अम्मा ने अंकिता की हालत सुनने के बाद… मुझे घर आने से मना … Read more

नीलांजना ( भाग-8 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

…सबसे पहले तो उसे नागार्जुन जी को कोई अपडेट देना था… वरना वह उसका ही पीछा करना शुरू न कर दें… अभिनव ने अपने फोन को कई बार सेट किया… यहां वहां ठोक लगाई… मगर उसमें कोई हलचल नहीं हुई… बैग से चार्जर निकाल… आखिर उसने मोबाइल को चार्ज में लगाया… करीब 2 घंटे लगातार … Read more

नीलांजना ( भाग-7 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

…अभिनव दत्ता ने अपने दोनों हाथ जोड़कर नीलांजना जी से धन्यवाद कहा… कुछ और बोलना चाह रहा था… कि उसने अपने सर में थोड़ा चक्कर महसूस किया… वह चुप हो गया… नीलांजना जी शायद समझ गईं… उन्होंने देर ना करते हुए आवाज लगाई… “शांभवी… बेटा भैया के लिए हल्दी वाला दूध ले आओ… वहीं टेबल … Read more

नीलांजना ( भाग-6 ) – रश्मि झा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

…अभिनव को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा… अगले दिन सुबह ही निधि ने फोन किया… ” भैया शांभवी का मैसेज आया था… रात को… दरअसल वे यहां हैं ही नहीं… उसने लिखा… कि उसकी मदद कोई नहीं कर सकता… वे कोलकाता आ गए हैं…!” ” ठीक है निधि… अब तुम छोड़ दो… तुम्हारा बहुत शुक्रिया… … Read more

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